नवाबगंज। अजगैन थानाक्षेत्र के भौली गांव के बाहर स्थित मंदिर में सोमवार रात नकाबपोशों ने शिवलिंग में तोड़फोड़ की। आहट सुनकर पुजारी बाहर निकला तो पीटने के बाद हाथ-पैर बांधकर झाड़ी में फेंक दिया। अंधेरे का लाभ उठाकर पुजारी का सेवक भागकर गांव पहुंचा और ग्रामीणों को सूचना दी।
ग्रामीणों के ललकारने पर बदमाश भाग निकले। सीओ और एसओ ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उनके मुताबिक शरारतीतत्वों ने वारदात को अंजाम दिया है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
अजगैन थानाक्षेत्र के भौली गांव में सैकड़ों साल पुराना भावल देवी मंदिर है। इसी मंदिर के पास एक शिव मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण 1968 में गढ़ीपार खेड़ा गांव निवासी नंगा रैदास ने कराया था।
सोमवार रात करीब साढ़े बारह बजे करीब आठ-दस नकाबपोश शिव मंदिर का दरवाजा तोड़कर शिवलिंग को उखाड़ने लगे। खटपट की आवाज सुनकर पास में ही मंदिर के एक कमरे में सो रहे पुजारी पवन गिरि कमरे से बाहर निकले। बदमाशों ने उनको पीटकर हाथ-पैर बांधकर झाड़ी में फेंक दिया।
सेवक ओमकार ने बदमाशों की नजर बचाकर गांव वालों को सूचना दी। ग्रामीणों के ललकारने पर बदमाश भाग गए। पुजारी का स्वास्थ्य केंद्र ले इलाज कराया गया। मंगलवार सुबह हसनगंज सीओ माजिद अब्सार और अजगैन एसओ आरके शर्मा मौके पर पहुंचे और तफ्तीश की। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुजारी पर हमला करने वाले लोगों ने लूटपाट नहीं की है सिर्फ मंदिर के शिवलिंग को नुकसान पहुंचाया है।