अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। बांगरमऊ कस्बे में झोलाछाप एक सिरिंज कई मरीजों पर इस्तेमाल कर रहा है। इससे लोग एचआईवी की चपेट में आ रहे हैं। एक एचआईवी पीड़ित की ऐसी शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अनजान बना रहा। इससे कस्बे में एचआईवी से पीड़ित होने वालाें की संख्या बढ़ रही है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगे शिविर में 13 नए रिएक्टिव केस मिले हैं।
इससे पूर्व बांगरमऊ कस्बे में मिले 25 मरीजों का जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर पर उपचार चल रहा है।
छह माह पूर्व बांगरमऊ कस्बे के प्रेमगंज निवासी एचाईवी पीड़ित एक युवक ने स्वास्थ्य विभाग को शिकायती पत्र देकर झोलाछाप के कई मरीजों पर एक ही सिरिंज इस्तेमाल का आरोप लगाया था। इस शिकायत को विभाग ने गंभीरता से नहीं लिया। बांगरमऊ क्षेत्र में जनवरी से अप्रैल माह में एचआईवी से पीड़ित दस नए मरीजों की पुष्टि हुई
। जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर के सूत्रों के मुताबिक बांगरमऊ कस्बे में जिन लोगों में एचआईवी की पुष्टि हुई, उनकी उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच है। इनमें 12 महिलाएं और 3 बच्चे हैं। काउंसलिंग के दौरान इन मरीजों के संक्रमित सुई से एचआईवी की चपेट में आने की बात सामने आई है। सीएमओ डाक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि एक सिरिंज का बार-बार प्रयोग किया जाना गलत है। मामले की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
सिर्फ बांगरमऊ में मिले रिएक्टिव केस
एचआईवी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ब्लाक स्तर पर स्वास्थ्य शिविराें का आयोजन करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत 18 नवंबर को उन्नाव शहर के उम्मीदों का शहर, शुक्लागंज के चंपापुरवा, बांगरमऊ के प्रेमगंज व मोहान के दालन टोला में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। इन शिविरों में तीन सौ से अधिक लोगों की जांच की गई। उम्मीदों का शहर, चंपापुरवा व मोहान के दालनटोला में एचआईवी का एक भी रिएक्टिव केस नहीं मिला। बांगरमऊ के प्रेमगंज में एचआईवी के 13 रिएक्टिव केस मिले। आईसीटीसी के काउंसलर ने बताया कि बांगरमऊ में मिले सभी रिएक्टिव केस वालाें को जिला अस्पताल बुलाया गया है।