अजगैन थानाक्षेत्र में मिले दस साल के बच्चे का शव यहां ठिकाने लगाया गया है। हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई है। हत्यारों ने ईंट व किसी वजनी हथियार से पीटकर हत्या की है। इस वजह से उसक चेहरा पूरी तरह से क्षत विक्षत हो गया है।
शनिवार सुबह लखनऊ-कानपुर हाईवे से करीब दो किमी दूर एक खेत में शव मिलने पर ग्राम प्रधान ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल की तो बच्चे के चेहरे, सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के निशान हैं। अपर पुलिस अधीक्षक हरदयाल यादव और सीओ सिटी रामअर्ज मौके पर पहुंचे। एएसपी के निर्देश पर डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचा। स्निफर डॉग शव के इर्द-गिर्द चक्कर लगाने के बाद पहले सरांय कटियान गांव की ओर गया बाद में घूमकर घटना स्थल से कुछ दूर पर नहर कोठी के खंडहर के पास तक गया और लौट गया। खोजी कुत्ता भी कोई खास क्लू नहीं दे पाया। बाद में पुलिस ने शव को खेत से उठाकर सड़क किनारे छाया में रखवा दिया। इस दौरान कानपुर नौैबस्ता, रायपुरवा और शुक्लागंज निवासी एक महिला के अलावा क्षेत्र के कई लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन शव की पहचान नहीं हो सकी। अजगैन थानाध्यक्ष मनोज सिंह का कहना है कि बच्चे की हत्या यहां नहीं की गई है। कहीं और हत्या करने के बाद शव को यहां फेंका गया है। लेकिन जांच के दौरान घटनास्थल या आसपास किसी वाहन के पहियों के निशान नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया घटना की जांच की जा रही है।
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शव नहर में फेंकते तो घटना का पता ही न चलता
इस बिंदु पर भी जांच चल रही है कि क्या वजह रही कि हत्यारों ने बच्चे की हत्या करने के बाद शव को नहर में नहीं फेंका। पुलिस का मानना है कि हत्यारे शव को नहर में फेंक देते तो इस समय इतना पानी है कि शव बह जाता। जांच कर रही पुलिस टीम को यह भी शक है कि हो सकता है कि बच्चे की हत्या करने के बाद हत्यारों को इतना समय न मिल पाया हो कि वह शव को खेत से खींचकर नहर तक लेकर जाते। मालूम हो कि नहर में दो दिन पहले ही पानी छोड़ गया है और पानी अधिक होने से बहाव भी तेज है।