अमर उजाला ब्यूरो
बांगरमऊ (उन्नाव)। जालसाजों ने बैंक मैनेजर की मिलीभगत से दलित किसान की खेती के नाम पर 2.60 लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड बनवा लिया। इन्होंने फ सलीऋ ण आहरित कर बंदर बांटकर लिया। इंतखाब व खतौनी लेने के बाद भुक्तभोगी किसान को जालसाजी की जानकारी हुई।
फ तेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के ग्राम परशुरामपुर के मजरा भूटिया निवासी गिरजालाल पुत्र गेंदेलाल ने 3 अक्तूबर को गांव के लेखपाल से खेती की इंतखाब-खतौनी ली थी। उसने गांव के लोगों को इंतखाब दिखाया। इस दौरान जमीन बैंक ऑफ इंडिया शाखा बांगरमऊ के पक्ष में दो लाख साठ हजार रुपये के कर्ज पर बंधक होने की जानकारी हुई।
गिरजालाल बैंक पहुंचे। प्रबंधक ने इन्हें न तो ऋणधारक की फ ोटो दिखाई और ना ही जमानतदारों के नाम बताए। गिरजालाल के मुताबिक उन्होंने कभी भी ऋ ण नहीं लिया। पीड़ित किसान ने करीब 3 दिन पूर्व जालसाजी का शिकायतीपत्र जिलाधिकारी को दिया था।
डीएम ने मामले की जांच एसडीएम पूजा अग्निहोत्री को सौंपी थी। उपजिलाधिकारी ने शिकायतीपत्र के आधार पर कोतवाली पुलिस को बैंक के पूर्व प्रबंधक सहित जमानतदारों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांच का आदेश दिया है। वहीं भुक्तभोगी किसान शाम तक रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली नहीं पहुंच सका। उधर, बैंक ऑफ इंडिया शाखा बांगरमऊ के वर्तमान प्रबंधक आदर्श पटेल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।