निवेशकर्ताओं की जमा रकम वापस दिलाने की मांग
शाहजहांपुर। फाइनेंस कंपनी द्वारा विभिन्न योजनाओं में जमा कराई गई धनराशि नियत अवधि पूरी होने के बावजूद निवेशकर्ताओं को लौटाए नहीं जाने के विरोध में शहर के व्यापारियों ने बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अपने रोष का इजहार किया। बाद में उनका शिष्टमंडल उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के पदाधिकारियों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट विनय प्रकाश श्रीवास्तव से मिला और उन्हें ज्ञापन देकर कंपनी में जमा रकम की वापसी कराने के साथ उसके संचालकों पर विधिक कार्रवाई की मांग की।
लखनऊ की एक फाइनेंस कंपनी ने शहर के मोहल्ला कटिया टोला में ऑफिस खोलकर शहर के लोगों को छोटी-छोटी बचत के निवेश से पर्याप्त लाभांश का प्रलोभन देकर उनसे रकम जमा करानी शुरू कर दी। कंपनी के झांसे में आकर जन सामान्य समेत मिश्रा गुट से जुड़े तमाम व्यापारियों ने भी भारी रकम निवेश की। योजनाओं की परिपक्वता अवधि पूरी होने पर जमाकर्ताओं ने कंपनी के ऑफिस मैनेजर से ब्याज सहित जमा रकम मांगी, लेकिन उनसे बहानेबाजी शुरू कर दी गई। जमाकर्ताओं के अनुसार कंपनी ने निवेश की गई धनराशि से शहर के आसपास कई स्थानों पर जमीन खरीद ली और उसके पास भुगतान के लिए पैसा ही नहीं है।
व्यापारियों के शिष्टमंडल का नेतृत्व करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने सिटी मजिस्ट्रेट को बताया कि भुगतान के नाम पर कंपनी मैनेजर द्वारा जमाकर्ताओं को परेशान कर उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। व्यापारियों से कहा जा रहा है कि कंपनी के खाते मेें पैसा नहीं है और पैसा आने पर ही भुगतान मिलेगा। चूंकि, खाते मेें पैसा आने की कोई समय सीमा नहीं है, इसलिए कंपनी के स्थानीय कर्ता-धर्ता निवेशकर्ताओं पर जमा रकम एफडी में परिवर्तित कराने पर जोर दे रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि फाइनेंस कंपनी के इस रवैये से जमाकर्ताओं को जरूरत के समय आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट से अनुरोध किया कि फाइनेंस कंपनी के संचालकों से वार्ता कर जमा रकम का भुगतान जल्द कराएं। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर संगठन के नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता, जिला महामंत्री नाजिम खां, अमृत लाल, संजय सेठी, सुबोध कुमार, राजेंद्र मिश्रा, राजेंद्र गुप्ता, विजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।