शहर के दही चौकी स्थित एक फैक्ट्री में ठेकेदार की पिटाई से घायल अजगैन थानाक्षेत्र के ओरहर गांव निवासी मजदूर की कानपुर के निजी नर्सिंगहोम में इलाज के दौरान मौत हो गई। 15 दिन पहले मजदूरी मांगने को लेकर विवाद हुआ था। इस पर ठेकेदार ने उसे बेल्टों से पीटा था। मृत युवक के परिजनों ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
अचलगंज थानाक्षेत्र के ओरहर गांव निवासी रमेश (20) पुत्र सुरेश दही चौकी स्थित एक चमड़ा फैक्ट्री में गांव के ही अलीम के अंडर में नौकरी करता था। 17 फरवरी को रमेश ने ठेकेदार अलीम से मजदूरी के 1900 रुपये मांगे। अलीम ने देने से मना किया तो दोनों में झगड़ा हो गया। विवाद बढ़ता देख अलीम ने साथियों के साथ मिलकर रमेश की पिटाई कर दी। जानकारी पाकर परिजन फैक्ट्री पहुंचे और रमेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां डाक्टरों ने उसकी आंत फटने व शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भी गंभीर चोटें होने की बात कह लखनऊ के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। लेकिन बाद में परिजन उसे दोबारा जिला अस्पताल लाए। जहां से डाक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। 19 फरवरी को परिजन उसे कानपुर ले गए और एक निजी नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। जहां शुक्रवार की देर रात रमेश ने दम तोड़ दिया। रमेश के पिता सुरेश ने ठेेके दार अलीम के खिलाफ अचलगंज थाने में तहरीर दी है।
कोतवाली में दर्ज हुई रिपोर्ट
अचलगंज थानाध्यक्ष मो. अशरफ का कहना है कि युवक की मौत कानपुर के एक नर्सिंगहोम में हुई थी। परिजन पहले शव घर ले गए। उसके बाद थाने आकर हंगामा किया। फैक्ट्री व घटनास्थल सदर कोतवाली में होने से शहर कोतवाली पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ रात में ही मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चाचा का आरोप, पुलिस टरकाती रही
रमेश के चाचा प्रेमशंकर ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। प्रेमशंकर का कहना है कि घटना के बाद 19 फरवरी को वह दारोगा खेड़ा चौकी गए थे। यहां उन्होंने चौकी इंचार्ज को घटना की जानकारी दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। 23 फरवरी को अचलगंज थाने गए वहां भी तहरीर दी लेकिन पुलिस ने नहीं सुना।