कस्बे के बौद्ध नगर मोहल्ले में स्थित एक किराए के मकान में डिस्पेंसरी चला रही एक तथाकथित एएनएम के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। डिप्टी सीएमओ को तलाशी में सरकारी अस्पतालों में सप्लाई होने वाली दवाइयों से भरे दो गत्ते मिले हैं। साथ ही कई कापर टी बरामद हुई हैं। तिर्वा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर एएनएम को गिरफ्तार कर लिया है। महिला के पास न तो एएनएम का डिप्लोमा है और न ही किसी तरह की डिस्पेंसरी चलाने का कोई अनुमति पत्र। प्रसव केंद्र को सील कर दिया गया है।
तिर्वा कोतवाली के रामपुर बिनौरा गांव निवासी प्रियंका (22) पत्नी महेश कुमार की डिलीवरी होनी थी। 26 फरवरी को गांव की आशा बहू सुधा सिंह उसे प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल में न ले जाकर उसकी डिस्पेंसरी में ले गई। यहां प्रसूता की हालत बिगड़ गई। उसे कन्नौज के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। यहां डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत हो गई। प्रसूता के पति ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि डिस्पेंसरी की संचालक ममता राजपूत के गलत इंजेक्शन लगा देने के कारण प्रसूता की हालत बिगड़ गई। जिससे उसके नवजात की मौत हो गई।
कोतवाली पुलिस शुक्रवार की शाम छह बजे के करीब जांच पड़ताल करने पहुंची तो वहां पुलिस व फर्जी एएनएम के मध्य तीखी नोकझोंक हुई। तिर्वा कोतवाल आमोद कुमार सिंह ने मामले की जानकारी उपजिलाधिकारी राजेश कुमार यादव को दी। एसडीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को अवगत कराया। सीएमओ के निर्देश पर शनिवार की दोपहर दो बजे के करीब डिप्टी सीएमओ आरएम तिवारी के नेतृत्व में अपर शोध अधिकारी वाईके मंजुल, ड्रग इंस्पेक्टर अनिल कुमार, मलेरिया निरीक्षक शैलेंद्र कुमार, सीएचसी तिर्वा के प्रभारी अधीक्षक डा. अवधेश कुमार की टीम पहुंची।
यहां एक सेफ, दो बेड, दवाइयों से भरे दो गत्ते, एक रजिस्टर में लिखे मरीजों के नाम व कई कापर टी मिले। टीम बरामद सामान लेकर कोतवाली पहुंची।
मामले में सीएचसी तिर्वा प्रभारी डा. अवधेश कुमार की ओर से संचालिका के खिलाफ तहरीर दी गई। कोतवाल आमोद कुमार ने बताया कि संचालिका के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज हो रहे हैं। एक मामले में सीएचसी प्रभारी की ओर से तो दूसरे मामले में प्रसूता के पति की ओर से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। संचालिका ममता राजपूत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। डिस्पेंसरी चलाने वाले कमरे को पुलिस ने सील कर दिया है।
एक साल से चल रहा था गोरखधंधा
बिना किसी डिग्री के प्रसव सेंटर चलाने वाली महिला एक वर्ष से तिर्वा में अपना यह गोरखधंधा चला रही थी। पहले उसका प्रसव केंद्र कस्बे के अन्नपूर्णा नगर मोहल्ले में एक किराए के मकान में चल रहा था। एक पखवारे पहले ही उसने अपना केंद्र बौद्ध नगर मोहल्ले में शुरू किया था। स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं थी। क्षेत्र की कई आशा बहुओं का सहयोग था।