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हसनगंज और पुरवा के चार और लेखपाल निलंबित

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अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। हड़ताली लेखपालों पर जिला प्रशासन ने और शिकंजा कस दिया है। हसनगंज और पुरवा में चार लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पूरे जिले के 200 लेखपालों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए शनिवार को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है। काम पर न लौटने पर शनिवार को सभी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। वहीं सदर लेखपाल संघ के अध्यक्ष सुधीर बाजपेई ने कहा कि प्रशासन चाहे जो भी कार्रवाई कर ले जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी।


उत्तर प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवाओं का अधिनियम के तहत लेखपालों की हड़ताल को अवैध करार दिया है। इस पर लेखपालों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की गई थी लेकिन वह काम पर नहीं लौटे। इस दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के नेतृत्व में हड़ताल जारी रही। अपील के बाद भी काम पर न लौटने पर एडीएम बीएन यादव ने गुरुवार को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष व महामंत्री को निलंबित कर दिया था। शुक्रवार को एडीएम के आदेश पर एसडीएम हसनगंज सूरज कुमार यादव ने तहसील लेखपाल संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष बृजेश प्रताप सिंह और महामंत्री रविंद्रनाथ बाजपेई को निलंबित कर दिया।
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पुरवा में एसडीएम अनिल कुमार ने संघ के अध्यक्ष अनिल द्विवेदी व मंत्री रविकांत को निलंबित कर दिया। निलंबित अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि संघ जायज मांगों को लेकर अनुशासित ढंग से आंदोलन किया जा रहा है। चाहे निलंबन हो या अन्य कोई कार्रवाई लेखपालों की हड़ताल जारी रहेगी। उधर, एडीएम बीएन यादव ने बताया कि 200 हड़ताली लेखपालों को काम पर लौटने के लिए शनिवार तक का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समयावधि में लेखपाल काम पर नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

-हड़ताल पर चल रहे लेखपालों पर जिला प्रशासन ने और कसा शिकंजा
-जिले के 200 और हड़ताली लेखपालों को अंतिम नोटिस, निलंबन का अल्टीमेटम
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