असोहा/कालूखेड़ा। बचपन से ननिहाल में रहने वाले टेंपो चालक का शव पड़ोस के गांव में रहने वाली प्रेमिका के घर की छत पर मफलर से लटका मिला। चालक के परिजनों ने महिला व उसके भाई पर हत्या का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांगकर थाने में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैगिंग से मौत की पुष्टि हुई हैै।
कालूखे़डा चौकी के ग्राम पंचायत पहासा के मजरा दीवानबक्सखेड़ा निवासी निवासी मनोज (32) टेंपो चलाकर परिवार का गुजारा चलाता था। उसकी मां सरजू देवी ने बताया कि गांव से तीन किमी दूर रहने वाली जबरेला गांव निवासी एक महिला से बेटे मनोज का प्रेम प्रसंग चल रहा था। मंगलवार शाम महिला का भाई मनोज को अपने साथ असोहा ले गया था और रात आठ बजे फिर घर छोड़ गया था। रात नौ बजे मनोज खाना खा रहा था कि तभी महिला के भाई ने फिर से फोन कर गांव के बाहर बुलाया। मनोज खाना छोड़कर घर से चला गया। देर रात तक मनोज के न लौटने पर उसकी पत्नी पूनम ने कई बार फोन मिलाया पर फोन नहीं उठा।
बुधवार सुबह मनोज का शव जबरेला निवासी प्रेमिका के घर की दूसरी मंजिल पर छज्जे में मफलर के सहारे कुंडे से लटका मिला। पुलिस के सामने ही मृतक मनोज की मां, अन्य परिजन प्रेमिका व उसके भाई पर हत्या का आरोप लगा हंगामा करने लगे। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। इसके बाद आक्रोशित परिजन सैकड़ों की संख्या में थाने पहुंच गए और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़ गए। पुलिस ने फिर से उन्हें शांत कराया। परिजन शांत तो हो गए पर शव पोस्टमार्टम से आने तक थाने में ही बैठे रहे। सीओ पुरवा पंकज सिंह बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व घटना के सभी बिंदुओं पर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जिस महिला के घर मनोज का शव मिला उसके पति की चार वर्ष पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। दो दिन पहले महिला को मुआवजे का आठ लाख रुपये मिला था। मृतक मनोज अपना टेंपो बेंचकर मुकदमा लड़ा और महिला को दुर्घटना क्लेम दिलवाया था। आठ लाख रुपये महिला को मिलने के बाद वह रुपये की मांग कर रहा था। मंगलवार दोपहर इसी बात को लेकर मनोज व महिला में कहासुनी हुई थी।
मनोज का पैतृक गांव लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र का नटकुर गांव है। उसकी मां सरजूदेई जन्म से पहले मायके असोहा के दीवानबक्सखेड़ा आ गई थी। यहीं मनोज का जन्म हुआ था। मनोज टेंपो चलाता था। उसकी मौत से मां व पत्नी पूनम का रो-रोकर बुरा हाल है। पति की मौत के बाद पूनम को 11 वर्षीय बेटे मोहित, आठ वर्षीय रोहित और छह वर्षीय बेटी अनन्या की परवरिश की चिंता सता रही है।