उन्नाव। थाने से घर लौटते समय दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या में सात साल बाद परिजनों को इंसाफ मिला है। एडीजे 3 की कोर्ट में चल रहे मुकदमे में शनिवार को हत्या में दोषी पिता और पुत्र समेत सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
बिहार थाना क्षेत्र के बीरमपुर मजरा मौलाना निवासी रामसजीवन अपने भाई सुरेश के साथ 26 जुलाई 2013 को बिहार थाने गया था। दोनों के साथ उनके चाचा देवनारायण, जयनारायण और परिवार के कन्हैयालाल भी थे। थाने से घर लौटते समय गांव के श्रीपाल उसके बेटे राज किशोर, विनोद, अरविंद ने गांव के राम निहोरे, अमरेश व सियाराम के साथ मिलकर कन्हैया लाल व देव नारायण को रास्ते में डंडा मारकर बाइक से गिरा दिया और बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी थी। रामसजीवन ने अगले दिन थाना बिहार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई एडीजे 3 में चल रही थी। सुनवाई पूरी होने के बाद शनिवार को न्यायाधीश अल्पना सक्सेना ने अभियोजन पक्ष के वकील विनय शंकर दीक्षित व कृपाशंकर सिंह की दलीलों, गवाहों और सबूतों के आधार पर सातों लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।