पाटन। एक वर्ष पहले कोरोना के चलते पैरोल पर छूटे सजायाफ्ता ने शुक्रवार को मंदिर में स्थापित मूर्ति तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दी। मोहर्रम पर माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से मूर्ति तोड़ने की जानकारी फैलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
बिहार थाना क्षेत्र के कारगिल शहीद अमर बहादुर सिंह के ग्राम बजौरा में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पास स्थित मंदिर में स्थापित मूर्ति को मवैया मजरे सहिला निवासी भरत गुप्ता ने शुक्रवार तड़के पांच बजे तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। मूर्ति तोड़ते देख ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। समाजसेवी योगेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने, उपद्रव करने व जान से मारने की धमकी की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है।
आरोपी को मूर्ति तोड़ता देख ग्रामीणों ने विरोध किया तो आरोपी ने लोगों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। ग्रामीणों ने मोर्चा संभालने की कोशिश की तो ईंट लेकर दौड़ा लिया और जान से मारने की धमकी दी। गांव के लोगों ने भागकर जान बचाई।
दो दशक पूर्व भरत गुप्ता ने अपने पिता व भाई के साथ मिलकर अपने ही बाबा भगवान दास गुप्ता की डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी। पिता व भाई समेत उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। तब से वह जेल में बंद था। कोरोना काल में उसे अप्रैल 2020 में पैरोल पर जेल से छोड़ा गया था। उसके पिता ओमप्रकाश की जेल में ही मौत हो चुकी है। कुछ ग्रामीणों के अनुसार आरोपी मानसिक बीमार है।