संजय की मौत पर बिलखती मां माया देवी। संवाद
- फोटो : UNNAO
हसनगंज। बिजली विभाग की लापरवाही से शुक्रवार को किसान की मौत के दूसरे दिन भी ग्रामीणों में गुस्सा रहा। पोस्टमार्टम के बाद गम और गुस्से के बीच खेत में शव का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप है। 12 गांवों के लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं।
पेड़ के सहारे इंसुलेटर के सहारे दौड़ाई गई हाईटेंशन लाइन ढीली होने से करंट से समदपुर हरदास गांव निवासी संजय विश्वकर्मा की शुक्रवार को मौत हो गई थी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद संजय का शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों की चीखपुकार के बीच मौजूद हर ग्रामीण की आंख नम हो गई। घटना के बाद से लगातार विद्युत आपूर्ति ठप होने से घुरामऊ, ढकवा, जगदीशपुर, हरौनी समसुद्दीनपुर, सुल्तानपुर, समदपुरभावा, सूरजखेड़ा, कोरो कल्याण समेत अन्य गांव के लोग परेशान हैं। रात में सभी गांवों में अंधेरा छाया रहा। ग्रामीणों के मुताबिक हदासे के बाद विद्युत विभाग के कर्मियों ने सूरजखेड़ा गांव के पास हाईटेंशन लाइन के तार काट दिए थे। इससे बिजली आपूर्ति ठप है।
एक्सईएन अनिल मिश्रा ने बताया कि 50 किलोमीटर क्षेत्र में जर्जर तार है। इन्हें बदलने के लिए स्टीमेट बनवाकर विभाग को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही तार बदले जाएंगे। ढीली लाइन को सही कराने में तीन से चार दिन का समय लगेगा। इसके बाद विद्युत आपूर्ति शुरू की जाएगी।