एसपी कार्यालय गेट पर प्रदर्शन करते प्रधान समर्थक। संवाद
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नवाबगंज। छेदनीखेड़ा में छह दिन पहले जानलेवा हमले के आरोप में जेल भेजे गए प्रधान को निर्दोष बता सौ से अधिक समर्थकों ने बुधवार को एसपी कार्यालय का घेराव कर हंगामा किया। प्रधान समर्थकों ने अजगैन कोतवाल पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा कार्रवाई की मांग की है। एसपी की गैर मौजूदगी में पीआरओ ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देकर सभी को शांत कराकर वापस भेजा।
छेदनीखेड़ा गांव में 40 बीघा क्षेत्रफल में फैले तालाब में 29 जुलाई को सिंघाड़े की पौध डालने पर प्रधान पवन शर्मा ने किसानों को मना किया था। इस बात को लेकर ग्राम प्रधान व प्रतिद्वंदी राहुल वर्मा के बीच गाली-गलौज व मारपीट हुई थी। राहुल ने प्रधान पवन शर्मा व उसके भाई रमन शर्मा पर जानलेवा हमले की नीयत से फायरिंग का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने प्रधान पवन शर्मा व उसके भाई रमन को गिरफ्तार किया था। 30 जुलाई को कोर्ट ने जेल भेज दिया था। ग्राम प्रधान की तहरीर पर राहुल वर्मा समेत चार का शांतिभंग में चालान किया था। बुधवार को प्रधान पक्ष से सौ से ज्यादा लोग एसपी दफ्तर पहुंचे और ग्राम प्रधान को निर्दोष बता अजगैन पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।
समर्थकों ने कहा कि विपक्षी राहुल ने मौजूदा प्रधान के खिलाफ चुनाव लड़ा था। 26 वोट से हार गया था। इसी खुन्नस में उसने प्रधान पर रिपोर्ट दर्ज कराई। समर्थकों ने अजगैन कोतवाल पवन सोनकर पर भी एकतरफा कार्रवाई का भी आरोप लगाया है। एसपी के पीआरओ प्रदीप कुमार ने ग्रामीणों को शांत कराया और शिकायती पत्र लेकर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
एसपी दफ्तर के बाहर चल रहे हंगामे के दौरान जेल भेजे गए प्रधान की मां की अचानक तबियत बिगड़ गई। उनके बेहोश होने पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार है।