नवाबगंज। गांव रसूलपुर निवासी एक युवक ने दो साल पहले अपने पिता को मृत बताते हुए फर्जी हलफनामा बनवाकर उस दौरान गांव में तैनात सचिव से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया। इसके बाद पिता की जमीन का दाखिल-खारिज करवाने का प्रयास किया। जांच के बाद प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया है।
लेखपाल अरविंद गुप्ता को मामला संदिग्ध लगा तो उन्होंने पड़ताल की। जांच में पाया गया कि जिस व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया है वह जिंदा है। इसके बाद वर्तमान में तैनात सचिव देवेंद्र यादव ने प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया। सचिव देवेेंद्र ने बताया कि मामला 2019 का है। तत्कालीन सचिव ने मृत्यु प्रमाणपत्र बनाया था। जानकारी पर पता चला कि फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने वाले के पिता जीवित हैं। इसके बाद पिता से मिलकर मामले की जानाकारी की गई तो पुत्र से आपसी मनभेद की बात सामने आई है। पिता ने कोई कार्रवाई न करने की बात कही है।