उन्नाव। सड़क हादसे में राजेश व विपिन को खोने व पुलिस कार्रवाई का दर्द गुरुवार को परिजनों की आंखों में साफ झलका। शादी की खुशियाें के बीच तैयारियों में व्यस्त परिवार दोहरे दर्द से जूझता नजर आया। तख्त पर गमगीन बैठी बहन ने कभी सपने में न सोचा था कि उसकी शादी की तैयारियों के बीच घर में इस तरह का मातम छा जाएगा। सिसकती आवाज में उसने बताया कि पुलिस के लाठी चार्ज करने के बाद बचने के लिए वह बाउंड्री फांदकर भागी थी। उसकी भाभी और सात वर्षीय भतीजी को भी पुलिसवालों ने बेरहमी से पीटा।
देवीखेड़ा गांव निवासी राजेश की मंगलवार को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। 17 जून को उसकी बहन लक्ष्मी की शादी थी। मिर्जापुर माखी से बरात आनी थी। बारातियों के खानपान की व्यवस्था करने के लिए राजेश घटना के वक्त अपने गांव के दोस्त विपिन के साथ गांव के पास कोल्ड स्टोरेज से आलू खरीदने गया था। मृतक राजेश की पत्नी शांति व बहन लक्ष्मी ने बताया कि राजेश की मौत के दर्द से जूझ रहे परिजनों ने मुआवजे की मांग के लिए सड़क जाम की तो पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें हटाने की कोशिश की। कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसका खामियाजा उन्हें व उनके परिवार के लोगों को भुगतना पड़ा। पत्नी शांति पुलिस की पिटाई से शरीर पर आए निशानों को दिखा फफक पड़ी। बोली पुलिस ने उसकी सात साल की बेटी खुशबू को भी नहीं बख्शा। दाहिने हाथ में डंडा पड़ने से उसे चोट आई है।
मृतक राजेश की रिश्ते की बहन सुमन ने बताया कि वह जिला अस्पताल में भर्ती अपनी भाभी को देखकर बहन सुधा के साथ घर लौट रही थी। जैसे ही टेंपो से उतरकर घर की ओर बढ़ी, पुलिस कर्मियों ने उस पर लाठी चला दी। बाएं हाथ में डंडे के निशान को दिखाकर वह रो पड़ी। राजेश की मां कमला ने बताया कि तेरहवीं होने के बाद बेटी लक्ष्मी की शादी की रस्म अदा की जाएगी। कमला ने बताया कि पुलिस ने चचेरे भतीजे अजय, राजेश के साढू श्रीपाल, दूसरे साढू रामआसरे की पत्नी सीमा, बहू शांति की भाभी गुड्डी, शांति की बहन की ननद, व मामा राजकुमार को गिरफ्तार किया है।