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तेंदुए की दहशत, जरा सी आहट पर उड़ जाती नींद

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बंगला गांव के पास झाडिय़ों में तेंदुआ की तलाश करती वन विभाग की टीम। - फोटो : UNNAO
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फतेहपुर चौरासी। सकरौली में छह लोगों पर हमला कर घायल करने वाले तेंदुए की तलाश में तीसरे दिन वन विभाग की टीमें जंगल की खाक छानती रहीं। टीमें तेंदुए को नहीं तलाश सकी हैं। ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत है। रात में जरा सी आहट नींद उड़ा देती है। किसान समूह बनाकर खेतों में काम कर रहे हैं। वन विभाग के अफसर ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
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मंगलवार को सकरौली ग्राम पंचायत के मजरा बंगला का पास एक तेंदुआ देखा गया था। उसने हमला कर एक बच्चे सहित छह लोगों को घायल कर दिया था। पुलिस और वन विभाग की टीमों के लगातार प्रयास के बाद भी तेंदुआ पकड़ा नहीं जा सका है। इससे सकरौली, बंगला, हुलासी खेड़ा, धन्ना खेड़ा, मल्हपुर, माढ़ापुर, मल्लाहन पुरवा, जामड़, कुंडा, परशुरामपुर आसपास के दर्जन भर गांवों के लोग दहशत में हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि पांच टीमें बना कर 15 किमी क्षेत्र में डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में दिन-रात तेंदुए की तलाश चल रही है। अभी तक तेंदुआ नजर नहीं आया है। --
ग्रामीण बोले फिर दिखा तेंदुआ, अधिकारी बोले वहम
ग्रामीणों का दावा है कि बुधवार शाम को खेतों की तरफ कुछ लोगों ने फिर तेंदुए को देखा है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन न तेंदुआ दिखा और न ही उसके पंजे का कोई निशान मिला। वन अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण डरे हुए हैं। इससे वह सियार या किसी अन्य जानवर को तेंदुआ समझे होंगे। तेंदुआ बिना छेड़े किसी पर हमला नहीं करता।
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कानपुर या फतेहपुर की ओर भी जा सकता है
तीसरे दिन भी वन विभाग की टीमों को तेंदुआ नजर न आने पर उसके हरदोई, कानपुर या फतेहपुर की ओर चले जाने की आशंका जताई जाने लगी है। डीएफओ ईशा तिवारी ने बताया कि यह भी हो सकता है कि तेंदुआ नदी पार कर कानपुर की ओर या इसी तरफ रहकर हरदोई या फतेहपुर जिले की तरफ चला गया हो। हालांकि कांबिंग कर रही टीमों को एक सप्ताह तक गांव में ही रहने और लगातार कांबिंग करने के निर्देश दिए गए है।
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कहा, पटाखे न दागते तो पकड़ा जाता तेंदुआ
सकरौली ग्राम पंचायत से सटी चहलहा ग्राम पंचायत के प्रधान डॉ. दिवाकर वर्मा ने बताया कि उनके गांव में भी लोगों में तेंदुए की दहशत है। बताया कि मंगलवार शाम को वन विभाग की टीम अगर तेज आवाज वाले पटाखे न दागती तो शायद तेंदुआ अब तक पकड़ में आ गया होता। हालांकि क्षेत्रीय वन अधिकारी सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि जहां पर तेंदुआ देखा गया था वह झाड़ी गांव के काफी नजदीक है। वह रात के वक्त गांव में आकर किसी ग्रामीण पर हमला न कर दे इस लिए पटाखे दागे गए थे।
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