बांगरमऊ। शनिवार को लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के संयुक्त निदेशक ने बांगरमऊ पहुंचकर पुलिस पिटाई से सब्जी विक्रेता फैसल की मौत की घटना में सीन रिक्रिएशन किया। टीम के सदस्यों ने पुलिस के अलावा फैसल के परिजनों व आसपास के लोगों से घटना की जानकारी ली। उस डीप फ्रीजर को भी देखा जिसमें आठ घंटे फैसल के शव को रखा गया था। सिपाहियों को लिटाकर देखा कि फैसल के शरीर में चोट का कारण डीप फ्रीजर ही तो नहीं रहा।
भटपुरी निवासी सब्जी विक्रेता मोहम्मद फैसल की 21 मई को पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट से मौत व शरीर में अन्य 13 चोटें मिलने की पुष्टि हुई थी। कोतवाली के सिपाही विजय चौधरी, सीमांत चौधरी व होमगार्ड सत्यप्रकाश पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विजय व होमगार्ड सत्यप्रकाश को गिरफ्तार किया गया था। एसपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिली चोटों पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला से राय लिए जाने की बात कही थी। शुक्रवार को संयुक्त निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला डॉ. जी खान व डॉ. अनुराधा सीन रिक्रिएशन करने यहां पहुंचे। पहले उन्होंने कोतवाल मुकुल प्रकाश वर्मा ने बिंदुवार घटना की जानकारी ली। इस दौरान उन्हें पता चला कि पोस्टमार्टम से पहले फैसल के शव को परिजनाें ने मस्जिद के डीप फ्रीजर में आठ घंटे रखकर सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था।
इस पर डॉ. जी खान पुलिस के साथ मस्जिद पहुंचे और डीप फ्रीजर की जांच की। डीप फ्रीजर की सतह पर पाउडर डालकर सिपाही अर्चित को बिना कपड़ों के लिटाया गया। फिर दूसरे सिपाही को कपड़े पहनाकर लिटाया। इस दौरान यह देखा गया कि उसकी पीठ पर कोई निशाना आया कि नहीं। डीप फ्रीजर की सतह पर लगी टिन समतल नहीं मिली है। यहां से निकली टीम ने उस जगह को भी देखा जहां से सिपाही बाइक में फैसल को बैठाकर ले गए थे। सीन रिक्रिएशन के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्शाई गई चोटाें को बारीकी से देखा और लखनऊ लौट गए। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि टीम जल्द ही जांच रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट को विवेचना में शामिल किया जाएगा।
मुस्लिम वक्फ राज्य मंत्री मोहसिन रजा शनिवार को मृतक फैसल के घर पहुंचे और माता-पिता को ढांढस बंधाया। कहा कि सरकार फैसल के हत्यारोपियों को कड़ी सजा दिलाएगी। उन्होंने एक लाख रुपये व राशन सामग्री परिजनों को दी। इस दौरान विधायक श्रीकांत कटियार, नगर पालिका चेयरमैन इजहार खां गुड्डू भी मौजूद रहे। नगर पालिका के 25 सभासदों ने आपस में मिलकर पीड़ित परिवार को 25 हजार की धनराशि दी। बाद में राज्य मंत्री मृतक पिपरमिंट व्यापारी सतीश गुप्ता के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया।