उन्नाव। बांगरमऊ के हटिया निवासी पिपरमिंट व्यापारी की गोली मारकर हत्या का खुलासा हो गया है। 12 हजार रुपये लूटने के लिए बांगरमऊ के हिंदू युवा वाहिनी के नगर अध्यक्ष ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने लूटे गए रुपयों में पांच हजार व तमंचा बरामद कर लिया है। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है।
पिपिरमिंट व्यापारी सतीश कुमार गुप्ता की 12 मई देर शाम सिर में पीछे की ओर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने गले से चेन, अंगूठी व गोलक से दो लाख की नगदी लूटे जाने की जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व लूट में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। हत्या के बाद एसपी ने तत्कालीन कोतवाल अनिल सिंह व चौकी प्रभारी प्रशांत द्विवेदी समेत तीन को निलंबित कर दिया था। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि मृतक के घर से पांच सौ मीटर दूर रहने वाले दुबियाना निवासी हिंदू युवा वाहिनी के नगर अध्यक्ष कीर्तिमान गुप्ता ने अपने दो अन्य साथी न्यू कटरा निवासी विक्की व फतेहपुर चौरासी के परशुरामपुर गांव निवासी अक्षय उर्फ रोहित सिंह की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल पर मिली थी। शक के आधार पर पूछताछ में तीनों ने गुनाह स्वीकार कर लिया। घटना वाले दिन लूट के इरादे से दोपहर तीनाें युवक मृतक की दुकान के पास एक सुनसान जगह पर पहुंचे और वहां बैठकर शराब पी। इसके बाद उन्होंने सतीश की रेैकी शुरू की। शाम 5.30 बजे व्यापारी गाय का दूध निकालने के लिए दुकान के बेसमेंट में बने पशुबाड़े में पहुंचा। तीनों आरोपी उसकी दुकान के पास पहुंच गए। कीर्तिमान अंदर गया और सतीश से दाल का छिलका मांगा। सतीश बोरे से छिलका निकालने लगा। तभी कीर्तिमान ने उसके सिर में पीछे तमंचे से सटाकर गोली मार दी। इससे उसकी मौत हो गई। उसके गिरते ही दुकान की गोलक में रखे 12 हजार लूटकर आरोपी भाग निकले। एसपी ने खुलासे में शामिल शामिल स्वॉट प्रभारी गौरव कुमार, उनकी टीम व बांगरमऊ कोतवाल मुकुल प्रकाश वर्मा को उचित इनाम दिए जाने की घोषणा की है। उधर, हिंदू युवा वाहिनी के जिला प्रभारी मनीष सिंह चंदेल ने हत्यारोपी कीर्तिमान गुप्ता को संगठन से निष्कासित कर दिया है।
हिंदू युवा वाहिनी के नगर अध्यक्ष कीर्तिमान गुप्ता ने ही नौ माह पहले सन्यासी की गोली मारकर हत्या की थी।
अब उसने यह गुनाह भी स्वीकार किया है। पुलिस ने इस मामले में बेकसूर को गिरफ्तार किया था। वह छह माह जेल में रहा था। सदमे में उसके पिता की मौत हो गई थी। सल्लाखेड़ा गांव निवासी सोबरन (65) 20 वर्षों से बांगरमऊ कस्बा के माढ़ापुर मार्ग पर झोपड़ी बनाकर सन्यासी जीवन व्यतीत कर रहे थे। 4/5 अगस्त 2020 की रात सोते वक्त सन्यासी सोबरन को गोली मार दी गई थी। कानपुर में इलाज के दौरान तीसरे दिन उनकी मौत हो गई थी। मृतक के भतीजे दिनेश ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस समय बांगरमऊ कोतवाल रहे भावनाथ चौधरी ने मृतक की झोपड़ी से पांच सौ मीटर दूर रहने वाले किराना दुकानदार रामू गुप्ता को बिना किसी साक्ष्य के सन्यासी का हत्यारोपी बता आठ सितंबर को गिरफ्तार किया था। जिला सत्र न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज होने पर बड़े भाई अजय कुमार ने उच्च न्यायालय लखनऊ की शरण ली थी। सात मार्च को रामू को जमानत मिल गई थी। गुरुवार को पिपरमिंट व्यापारी की हत्या के खुलासे के साथ ही पुलिस ने सन्यासी की हत्या में कीर्तिमान गुप्ता को हत्यारोपी बताया है।
एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पिपरमिंट व्यापारी की हत्या में शामिल कीर्तिमान ने सन्यासी सोबरन की हत्या करने की बात स्वीकार की है। हत्या के कारणों के अलावा अन्य साक्ष्य संकलन के लिए उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। विवेचना के आधार पर जेल भेजे गए रामू के संबंध में न्यायालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। रामू को किस आधार पर जेल भेजा गया था। इसकी भी जांच कराई जाएगी।