चकलवंशी। घर के सामने से निकले रास्ते को लेकर डेढ़ माह पहले पड़ोस के चार लोगों से हुए विवाद की रंजिश में विरोधियों को फंसाने के लिए बेटे के अपहरण की झूठी कहानी रची गई थी। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने लापता युवक को उसके बहनोई के घर से बरामद कर पिता, पुत्र व बहनोई को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है।
अमलोना निवासी रामसनेही ने 20 मई को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसके 19 वर्षीय बेटे सर्वेश को गांव के जयनरायन, बीनू, दयाराम व सुनील ने अगवा कर लिया। गांव के बाहर खेत में बेटे के चप्पल व कपड़े मिले हैं। उसने बेटे की हत्या की आशंका जताई थी। एसओ माखी राजेश सिंह ने आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि डेढ़ माह पहले रास्ते से निकलने को लेकर रामसनेही से विवाद हुआ था। इसी खुन्नस में उसने अपहरण में फंसाने की साजिश रची है। एसओ ने बताया कि लापता सर्वेश और उसके पिता रामसनेही की मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल की जांच की गई। इससे पता चला कि रामसनेही ने अपने बेटे सर्वेश को अचलगंज में रहने वाले दामाद सुनील के घर छिपाकर रखा है। सुनील के घर से सर्वेश को पकड़ लिया गया। रामसनेही, उसके बेटे सर्वेश व दामाद सुनील से पूछताछ की गई तो उन्होंने विरोधियों को रंजिशन फंसाने के लिए सर्वेश के अपहरण की साजिश रचने की बात स्वीकार की।