उन्नाव। चित्रकूट जेल में हुए हत्याकांड पर शुक्रवार को जिला जेल में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बैरकों में सघन चेकिंग अभियान चलाने के साथ ही बंदी और कैदियों के सामान की तलाशी ली गई। सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से चेक किया गया। हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद कैदियों की भी तलाशी ली गई। जेल अधीक्षक व जेलर ने बंदी रक्षकों को हिदायत दी कि लोभ में आकर किसी भी बंदी या कैदी के मददगार न बने। शिकायत मिली तो बख्शा नहीं जाएगा।
चित्रकूट जेल मेें बंद शॉर्प शूटर अंशुल दीक्षित ने शुक्रवार सुबह ताबड़तोड़ फायरिंग कर पश्चिम यूपी के बदमाश मुकीम काला और मेराजुद्दीन की हत्या कर दी। बाद में अंशुल भी पुलिस की गोली से मारा गया। वारदात ने जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। डीजी जेल के निर्देश पर प्रदेश की सभी जेलों में चेकिंग अभियान चलाया गया। जिला जेल के अधीक्षक एके सिंह व जेलर ब्रजेंद्र सिंह ने सभी 17 बैरकों की जांच की। कैदी व बंदियों को बाहर निकालकर उनके सामान की तलाशी ली गई। जेल का चप्पा-चप्पा खंगाला गया। मेस के साथ अस्पताल तक की चेकिंग की गई। सब सामान्य मिलने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। जेलर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना जेल में चेकिंग की जाती है। चित्रकूट की घटना के बाद शुक्रवार को फिर से जेल में चेकिंग अभियान चलाया गया है। बंदी रक्षकों को चेतावनी दी गई है कि कैदियों को किसी तरह की सुविधा देने में वह दिलचस्पी न दिखाए। बाहर की कोई भी वस्तु अंदर न पहुंचाई जाए। सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जा रही है।