सफीपुर। कोतवाली पुलिस को न्यायिक आदेश के बाद 33 साल बाद शनिवार को कब्जा छोड़ना पड़ा। कोतवाली के पास स्थित इस जमीन पर पुलिस जब्त किए वाहन खड़ी करती थी।
उम्मेदाराय बाजार निवासी बाबूलाल ने 1987 में जिला मुख्यालय स्थित सिविल जज की अदालत में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि कोतवाली पुलिस व परगनाधिकारी ने उसकी भूमि संख्या 3715 पर जबरन कब्जा कर रखा है। पुलिस की ओर से सरकारी वकील ने पैरोकारी करते हुए मालिकाना हक की दावेदारी थी। इस वाद में पहले लोवर कोर्ट से 19 मई 2008 को पुलिस के खिलाफ आदेश जारी किया। इसके बाद भी कोतवाली पुलिस की ओर से कब्जा न छोड़ने पर बाबूलाल ने न्यायालय सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर कर संबंधित जमीन पर कब्जा दिलाए जाने की मांग रखी थी। कोर्ट से वादी के पक्ष में फिर फैसला हुआ। आदेश की प्रति के साथ भूमि मालिक अपने अधिवक्ता अनुराग तिवारी को लेकर कोतवाली पहुंचे।
अधिवक्ता की पैरवी के चलते राजस्व अमले में शामिल लेखपाल शिवशरण वाजपेई व दीवानी अमीन राकेश चंद्र शुक्ल ने कोतवाली प्रभारी हरिकेश राय की मौजूदगी में जमीन की नाप करा निशान लगवाए। सीओ कृपाशंकर ने बताया कि न्यायालय का आदेश प्राप्त हुआ है। भूस्वामी ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। संबंधित जमीन भूमि मालिक को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा वाद की शुरुआत के समय की स्थितियों के विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं है, लेकिन कोर्ट ने तमाम तथ्यों को कसौटी पर कसने के बाद ही यह आदेश जारी किया है।