नवाबगंज। हसनगंज ब्लॉक के अजगैन स्थित एक नर्सिंग होम में इंजेक्शन लगाने के बाद गर्भवती की हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। इस पर परिजनों ने हंगामा किया तो स्टाफ वहां से भाग निकला। पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। बाद में परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव घर लेकर चले गए।
असोहा ब्लॉक के गांव गोरिंदा निवासी रजोल रावत गुरुवार रात गर्भवती पत्नी पूनम को दर्द होने पर उसे अजगैन कोतवाली के निकट एक नर्सिंग होम लेकर आए। पति के मुताबिक डॉक्टरों ने कहा प्रसव कराना पड़ेगा नहीं तो केस बिगड़ जाएगा। स्टॉफ ने ऑपरेशन के लिए भर्ती कर लिया और एक इंजेक्शन लगाया। कुछ ही देर बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी और एक घंटे बाद जच्चा और पेट में पल रहे शिशु की मौत हो गई। गर्भवती की मौत होते ही परिजनों ने गलत इलाज का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया। यह देख डॉक्टर व अन्य स्टॉफ वहां से भाग निकला। हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची और परिजनों से बात की। तहरीर पर कार्रवाई का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराया। परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराने को अभी कोई तहरीर नहीं दी है।