श्रमिक पृथ्वीपाल की मौत पर मुआवजे की मांग को लेकर फैक्टरी गेट पर मौजूद परिजन व ग्रामीण
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सोनिक। दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक चर्म इकाई के मजदूर की शुक्रवार सुबह ड्यूटी से घर जाते वक्त हालत बिगड़ गई। कानपुर हैलट अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मुआवजे की मांग कर फैक्टरी गेट पर शव रखकर हंगामा किया। पांच घंटे बाद पत्नी के नाम 1.40 लाख का चेक व दाह संस्कार के लिए 10 हजार रुपये देने पर हंगामा शांत हुआ।
अचलगंज के बस्तीखेड़ा ओरहर गांव निवासी पृथ्वीपाल 40 पुत्र प्रभूदयाल दही चौकी स्थित एक चर्म इकाई में सात साल से मजदूरी कर रहा था। गुरुवार को उसकी नाइट ड्यूटी थी। शुक्रवार सुबह ड्यूटी खत्म करने के बाद वह साइकिल से घर के लिए निकला। दही चौकी स्थित धर्मकांटा के पास अचानक वह साइकिल से गिर गया और बेहोश हो गया। पीछे से आ रहे अन्य मजदूरों ने परिजनों को जानकारी दी।
नर्सिंगहोम से उसे हैलट रेफर कर दिया गया। कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर अन्य ग्रामीणों की मदद से फैक्टरी गेट पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। जिला पंचायत सदस्य गोविंद यादव, प्रधान दीपू व पूर्व प्रधान दिलीप यादव भी पहुंचे और मृतक के परिजनों को मुआवजे की मांग की।
औद्योगिक क्षेत्र चौकी प्रभारी अमित सिंह ने परिजनों को शांत करा फैक्टरी प्रबंधन से वार्ता शुरू की। कुछ देर बाद सदर विधायक पंकज गुप्त के भाई नीरज गुप्त मौके पर पहुंचे। शाम 7 बजे मैनेजर अबुल अली की ओर से मृतक की पत्नी के नाम 1.40 लाख का चेक व 10 हजार रुपये बड़े भाई रमेश चंद्र को शव के दाह संस्कार के लिए दिए गए। परिजन शव लेकर घर चले गए। पृथ्वीपाल की पत्नी गीता गर्भवती है। उसने बताया कि उसकी चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी 11 साल की प्राची के अलावा प्रांशी, पल्लवी व प्रतिमा है।