लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित जी कॉलेज ऑफ फार्मेसी हंगामा करते छात्र।
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उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित जी कॉलेज ऑफ फार्मेसी में एचओडी (हेड ऑफ डिपॉर्टमेंट) की कार्यशैली से नाराज छात्रों ने डेढ़ घंटे हंगामा किया। हाईवे पर पहुंचकर जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस को शिकायती पत्र देते हुए छात्रों ने उगाही और उत्पीड़न के आरोप लगाए। पुलिस के जांच और कार्रवाई के आश्वासन पर छात्र शांत हुए।
बी व डी फार्मा प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रोें ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर सौ छात्र सोमवार को शांति पूर्वक धरना दे रहे थे। इसी दौरान कॉलेज के निदेशक ने डी फार्मा द्वितीय वर्ष के छात्र विकास और मृदुल से धक्कमुक्की की। इससे अन्य छात्र भी आक्रोशित हो गए और हंगामा बढ़ गया। छात्रों ने लखनऊ-कानपुर हाईवे जाम करने का प्रयास किया।
छात्रों ने एचओडी पर आरोप लगाया कि वह प्रैक्टिकल के नाम पर 25 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहे हैं। रुपये न जमा करने पर फेल करने की धमकी दी जाती है। छात्रों ने दो प्रवक्ताओं को कालेज से निकाले जाने से पढ़ाई बाधित होने का भी आरोप लगाया। सदर कोतवाली के दरोगा चंद्रमोहन सिंह ने छात्रों की बात सुनी और समझाकर शांत कराया। इस पर छात्र हाईवे से हटकर गेट पर बैठ गए। सर्वेश यादव, मृदुल, अमन शुक्ला, प्रियांश्ूा आकाश वर्मा, अंकुर शुक्ला सहित अन्य छात्रों ने संयुक्त प्रार्थनापत्र कोतवाली पुलिस को दिया। इसके बाद छात्र डीएम और एसपी से भी मिलने पहुंचे लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
एमडी बोले, लिखित में शिकायत करें छात्र
कालेज के एमडी अनिल वर्मा ने कहा कि छात्रों को स्टाफ के कुछ लोगों ने भड़काया है। एचओडी का काम छात्रों से फीस जमा कराना है। फीस चेक से ली जाती है और वह वेबसाइट पर अपलोड रहती है। इसलिए फ्राड होने का कोई मतलब ही नहीं है। अगर छात्रों को लगता है कि एचओडी ने गलत किया है तो वह लिखित में दें। कमेटी से जांच कराई जाएगी। गलती मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।