सफीपुर सीएचसी में आक्सीजन सिलेंडर मिलने के बाद मरीज को एंबुलेंस में ले जाते परिजन।
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सफीपुर। पारिवारिक विवाद में युवक ने घर के कमरे में फंदे से लटक कर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने उसे किसी तरह बचाया और सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 108 एंबुलेंस में डॉक्टर ने ऑक्सीजन लगाई तो सिलिंडर खाली मिला। इस पर परिजनों ने हंगामा किया। सीएचसी प्रभारी ने दूसरा ऑक्सीजन सिलिंडर देकर उसे जिला अस्पताल भेजा।
जटपुरवा गांव निवासी अरुण (25) पुत्र संतोष बाजपेई एक परचून की दुकान में काम करता है। आर्थिक कारणों से शुक्रवार को उसका परिजनों से विवाद हो गया। इस पर उसने आत्महत्या की धमकी दी और छत के कुंडे में गमछा बांधकर फंदे से लटक गया। परिजनों ने उसे किसी तरह उतारा। सांस लेने में तकलीफ और हालत गंभीर देख परिजनों ने सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस प्रभारी विराट श्रीवास्तव ने बताया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हो गया था। चालक भरवाने जा रहा था। इमरजेंसी होने से लोगों ने उसे जाने ही नहीं दिया। मरीज छोड़ने के बाद सिलिंडर भरवा दिया गया।