पत्रकार सूरज पांडेय की मौत पर रेलवे ट्रैक पर जांच करती एफएसएल टीम ।
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उन्नाव। पत्रकार सूरज पांडेय व शहर के मोहल्ला जवाहर नगर निवासी मनीष हत्याकांड में उलझी गुत्थी को सुलझाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) लखनऊ के संयुक्त निदेशक के साथ आई तीन सदस्यीय टीम ने घटनास्थल पर जाकर हर बिंदु की जांच की। रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करने के साथ शव मिलने की जगह व रेलवे ट्रैक के दोनाें ओर की फोटो ली। वहीं, मनीष हत्याकांड में होम्योपैथिक डॉक्टर के घर घटना का सीन रिक्रिएशन किया।
शहर के मोहल्ला एबीनगर निवासी पत्रकार सूरज पांडेय का शव 12 नवंबर को शराब मिल स्थित लखनऊ-कानपुर रेलवे ट्रैक पर मिला था। सूरज की मां ने महिला दरोगा सुनीता चौरसिया और सिपाही अमर सिंह पर हत्या व हत्या की साजिश रचने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी आनंद कुलकर्णी के निवेदन पर एफएसएल लखनऊ के संयुक्त निदेशक डॉक्टर जी खान तीन सदस्यीय टीम के साथ रेलवे ट्रैक पर पहुंचे। टीम के साथ सदर कोतवाली के अपराध निरीक्षक सुधीर पांडेय भी उनके साथ रहे। जांच टीम ने हर पहलू पर बारीकी से छानबीन की। हत्या व आत्महत्या के कई बिंदुओं पर टीम के सदस्यों से आधा घंटे तक पड़ताल की।
इस दौरान सूरज के शव से 20 कदम आगे व 20 कदम पीछे चलकर उन्होंने घटना की जांच की। घटनास्थल के साथ रेलवे ट्रैक के दोनों ओर की फोटो ली। संयुक्त निदेशक जी खां ने बताया कि घटनास्थल पर जो भी साक्ष्य जुटाए गए हैं, उनका पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलान कराया जाएगा। जल्द रिपोर्ट एसपी उन्नाव को साैंपी जाएगी। इससे पहले टीम शहर के मोहल्ला जवाहरनगर निवासी मनीष हत्याकांड की जांच करने पहुंची। 9 नवंबर को मनीष की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर मौत होने की पुष्टि हुई थी।
मृतक के पिता विनोद की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर अतुल मिश्र व उनकी पत्नी व अन्य पर हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इस मामले में भी एसपी ने एफएसएल की राय मांगी थी। संयुक्त निदेशक जी खान टीम के साथ डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुंच कर क्राइम सीन तैयार कर घटना का रिक्रिएशन किया। कमरे में लगे पंखे पर फंदा डलवाकर युवक को लटका कर डेमो किया गया। संयुक्त निदेशक ने बताया कि सीन रिक्रिएशन किया गया है। रिपोर्ट एसपी को सौंपी जाएगी।