बांगरमऊ। किशोरी को भगा ले जाने के मामले में उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी स्टे मिलने के बाद भी बिना सम्मन तामीला कराए दरोगा ने उसे जेल भेज दिया। इसी मामले में उच्च न्यायालय में मौजूदा चौकी प्रभारी के पेश न होने पर न्यायालय ने दोनों उपनिरीक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी ने तत्कालीन व वर्तमान चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया।
थाना आसीवन के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी दिसंबर 2019 को बांगरमऊ के एक मोहल्ला में रहने वाले मामा के घर आई थी। वहां से वह रहस्यमय हालात में लापता हो गई थी। किशोरी के पिता ने बांगरमऊ कोतवाली में पांच लोगों पर बेटी को बहलाकर भगा ले जाने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस समय बांगरमऊ कस्बा के चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने विवेचना में चार लोगों का नाम निकालकर फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के पखरापुर गांव निवासी पुत्तीलाल को आरोपी बनाया। आरोपी पुत्तीलाल ने खुद को निर्दोष बता साक्ष्यों के साथ उच्च न्यायालय लखनऊ में अर्जी लगा गिरफ्तारी स्टे मांगा।
उसे उच्चन्यायालय से गिरफ्तारी स्टे मिल गया। तत्कालीन चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने बिना सम्मन तामील कराए पुत्तीलाल को जेल भेज दिया था। पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ फिर से उच्च न्यायालय की शरण ली थी। उच्च न्यायालय ने वर्तमान चौकी प्रभारी को तलब किया पर वह पेश नहीं हुए। इस पर र्हाईकोर्ट ने पूर्व और वर्तमान चौकी प्रभारी पर कार्रवाई के निर्देश एसपी को दिए। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि उच्चन्यायालय के निर्देश पर पूर्व बांगरमऊ कस्बा चौकी प्रभारी विजय प्रकाश व मौजूदा चौकी प्रभारी विनोद कुमार को निलंबित कर विभागीय जांच कराई जा रही है।