सफीपुर। दो बच्चों के साथ लापता महिला लखनऊ में मिली। परिजनों के साथ गई पुलिस महिला को लेकर कोतवाली आई। यहां पर उसने पति द्वारा मकान बेचने से परेशान होकर मुख्यमंत्री से शिकायत करने पहले लखनऊ और बाद में गोरखपुर जाने की जानकारी दी। कोतवाल ने उच्चाधिकारियों से दिशा निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
कस्बे के मियागंज मार्ग निवासी रंजीत की पत्नी निशा (24) अपने बच्चों अपूर्णा (5) व स्वरा को लेकर शनिवार को कस्बे के ही मोहल्ला सराय सुजात अली स्थित अपने मायके गई थी। वहां से मां आशा के साथ बेटी स्वरा को डाक्टर को दिखाया और दवाई लेकर वापस ससुराल जाने के लिए निकली। मां कुछ दूरी तक उसे छोड़ने के बाद घर लौट गई। देरशाम पति रंजीत ने उसके घर न पहुंचने की जानकारी दी। जिसके बाद मां आशा कोतवाली गई और गुमशुदगी दर्ज कराई। रविवार शाम तक पुलिस द्वारा बेटी की खोजबीन न किए जाने पर मां कुछ महिलाओं को लेकर कोतवाली पहुंची और घेराव करते हुए हंगामा किया।
इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मां की तहरीर पर पति समेत छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। मां ने आरोप लगाया था कि दामाद रंजीत ने मकान एक ईट भट्ठा संचालक को भेज दिया है। जबकि बेटी इसके खिलाफ थी। उसने इसका वाद भी कोर्ट में दायर कर रखा है। इसी खुन्नस में पति ने ईंट भट्ठा संचालक के साथ मिलकर बेटी की हत्या कर दी है। पुलिस ने आनन-फानन पति, भट्ठा संचालक, उसके दो पुत्र व दो भतीजों पर रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की थी। रात करीब 9 बजे निशा के मौसा ने मां आशा को फोन से उसके लखनऊ में होने की जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस की एक टीम परिजनों को लेकर लखनऊ गई और महिला व उसके बच्चों को लेकर सोमवार सुबह कोतवाली पहुंची। यहां पर निशा ने पुलिस को बताया कि पति रंजीत ने मकान बेच दिया है। इसलिए उसने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की सोची और सीएम से मिलने के लिए शुक्रवार को बिना किसी को बताए लखनऊ चली गई। सीएम आवास पर पहुंची तो पता चला कि मुख्यमंत्री गोरखपुर में हैं। वह गोरखपुर मठ गई। वहां उसे सीएम के लखनऊ वापस जाने की जानकारी दी गई। फिर वह लखनऊ में अपने मौसा राम सिंह पुत्र फूलचंद्र के घर सोना विहार थाना पारा पहुंची। मौसा ने उसे चाचा महीपाल के घर तिवारी नगर थाना पारा पहुंचा दिया। कोतवाल हरिकेश राय ने बताया कि निशा ने स्वेच्छा से लखनऊ जाना स्वीकार किया है। उसे उसकी मां आशा के सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं पति समेत छह पर दर्ज रिपोर्ट के संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।