उन्नाव। किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद विधायक कुलदीप सेंगर के छोटे भाई व पूर्व ब्लाक प्रमुख मनोज सेंगर का शनिवार रात दिल्ली में निधन हो गया। वह भाई की पैरवी के सिलसिले में करीब दो महीने से दिल्ली के इंद्रप्रस्थ स्थित एक मंदिर के आश्रम में रुके थे। देर रात हालत बिगड़ने पर मेट्रो अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। 28 जुलाई को रायबरेली में पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे में नामजद दस लोगों में मनोज सेंगर का भी नाम था। इस हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी।
विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी का 28 जुलाई को रायबरेली जेल में (अब तिहाड़ जेल में है) बंद चाचा से मिलने के लिए जाते समय गुरुबक्शगंज थानाक्षेत्र में रहस्यम हालात में एक्सीडेंट हो गया था। यह हादसा ट्रक की टक्कर से हुआ था। हादसे में किशोरी की चाची और मौसी की मौत हो गई थी। जबकि पीड़िता व उसके वकील महेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हादसे को साजिश बताते हुए पीड़िता के चाचा ने कुलदीप सेंगर व उनके भाई मनोज सेंगर सहित 10 नामजद और 15-20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुख्य न्यायाधीश और सीबीआई के अलावा अन्य अधिकारियों से विधायक पक्ष से मामले में सुलह के लिए धमकियां मिलने की शिकायतों भी की गईं लेकिन कोई सुनवाई न होने से मामला चर्चा में आने पर 30 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया और सभी मुकदमों को दिल्ली ट्रांसफर करने व लगातार सुनवाई कर निस्तारित करने का आदेश दिया।
इसके बाद सीतापुर जेल में बंद विधायक सेंगर को भी दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। दुष्कर्म व अन्य मुकदमों की पैरवी के लिए मनोज सेंगर करीब दो महीने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ स्थित एक आश्रम में रह रहे थे। शनिवार रात करीब दो बजे अचानक उनकी हालत बिगड़ी। साथियों ने उन्हें मेट्रो अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार के सदस्य राजकुमार सिंह व पुनीत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को उन्नाव लाया जा रहा है। वर्ष 2005 में मनोज सेंगर मियागंज से ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुए थे।