उन्नाव। तीन माह की बंदी के बाद सीईटीपी(कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) को खोलने के आदेश भले ही एनजीटी ने दे दिए हों, लेकिन सीईटीपी के उत्प्रवाह पर सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूूषण नियंत्रण बोर्ड)की नजर बनी रहेगी। एनजीटी ने सीपीसीबी व यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) को दो माह तक सीईटीपी व उससे जुड़ी टेनरियों के उत्प्रवाह पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। रैंडम तरीके से उत्प्रवाह का सैंपल लेकर जांच करने के साथ हर सप्ताह सीईटीपी का निरीक्षण भी किया जाएगा। निरीक्षण की रिपोर्ट माह के अंत में एनजीटी को दी जाएगी।
प्रदूषित उत्प्रवाह पर एनजीटी ने 14 जून को सीईटीपी दही चौकी व बंथर को बंद करने के आदेश दिए थे। सीईटीपी बंद होने से उससे जुड़ी 41 टेनरियों में भी उत्पादन ठप हो गया था। प्रदूषित उत्प्रवाह रोकने के लिए सीईटीपी में लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक मशीनें लगवाई गई थी। तीन माह तक चली निरीक्षण की कार्रवाई के बाद एनजीटी के आदेश पर सीईटीपी को दोबारा शुरू कराया गया है।
सीईटीपी शुरू होते ही तीन माह से बंद टेनरियां भी शुरू हो गई हैं। बंदी का आदेश हटने के बाद सीईटीपी में दोबारा मनमानी न हो सके इसके लिए एनजीटी ने सीपीसीबी व यूपीपीसीबी को निर्देश दिए हैं कि वह सीईटीपी के उत्प्रवाह पर नजर रखें। समय समय पर अलग अलग स्थानों से उत्प्रवाह के नमूने लिए जाएं। इसके अलावा टेनरियों के उत्प्रवाह की भी जांच की जाए। यह प्रक्रिया अगले दो माह तक अनवरत जारी रहेगी। क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि सीपीसीबी की टीम सप्ताह में एक बार सीईटीपी का निरीक्षण करेगी। ऑनलाइन मानीटरिंग सिस्टम से उत्प्रवाह की निगरानी की जा रही है।