पुरवा (उन्नाव)। मौरावां से लौट रहे बाइक सवार चचेरे भाइयों को पीछाकर पहुंचे बाइक सवार दो हमलावरों ने रोककर मारपीट की। विरोध करने पर एक को गोली मार दी। गोली सिर में छूते हुए निकल गई। जबकि दूसरे को तमंचे की बट मारकर लहूलुहान कर दिया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गोली से घायल पूर्व प्रधान के बेटे को कानपुर रेफर किया गया। पिता ने पड़ोस के गांव के युवक पर नामजद सहित दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व प्रधान ने मुकदमेबाजी की रंजिश में जानलेवा हमले का आरोप लगाया है।
पुरवा कोतवाली क्षेत्र के अभूषा गांव निवासी जितेंद्र उर्फ पिंकू सिंह (32) पुत्र छोट्टन सिंह गुजरात के अहमदाबाद में कपड़े की दुकान में काम करता है। दीपावली पर वह घर आया था। उसका चचेरा भाई सुशील सिंह (30) पुत्र मुन्ना सिंह मौरावां विद्युत उपकेंद्र में संविदा पर तैनात है। सोमवार सुबह सुशील के दोस्त मौरावां निवासी बचउनू की हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। देर रात सुशील अपने चचेरे भाई जितेंद्र सिंह के साथ रात 11 बजे दोनों मौरावां से लौट रहे थे। पुरवा-सोहरामऊ मार्ग पर शराब ठेका के सामने पीछे से आए एक बाइक में सवार दो लोगों ने ओवरटेक बाइक रोकवाई। जितेंद्र ने जैसे ही बाइक रोकी तभी हमलावरों ने सुशील के सिर पर तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। जितेंद्र हमलावरों से भिड़ गया। इस पर एक हमलावर ने तमंचे से उस पर फायर कर दिया। गोली सिर में दाहिनी ओर कान के पास सिर को छूते हुए निकल गई। घायल जितेंद्र भी सड़क पर गिर गया। आरोपी भाग निकले।
भागते समय भगतखेड़ा गांव के लोगों ने दोनो चचेरे भाइयों को पहचान लिया। लोगों ने जितेंद्र के चाचा सुंदर सिंह को जानकारी दी। दोनों को पुरवा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जितेंद्र की हालत गंभीर देख हैलट कानपुर भेज दिया गया। घायल जितेंद्र के पिता पूर्व प्रधान छोट्टन सिंह ने पड़ोस के गांव सैदपुर निवासी जगदीश उर्फ मनैया व एक अन्य अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एएसपी विनोद कुमार पांडेय भी देर रात मौके पर पहुंचे और कोतवाल केएन पांडेय को जांच के निर्देश दिए। सुबह रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उपनिरीक्षक उमेश त्रिपाठी ने आरोपी जगदीश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। कोतवाल ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। अभी तक उसने गुनाह स्वीकार नहीं किया है।
आरोपी ने रंजिश की बात स्वीकारी पर खुद को बताया निर्दोष
पकड़े गए आरोपी जगदीश ने रंजिश की बात तो स्वीकार की लेकिन देर रात हुई घटना में शामिल होने से इनकार कर दिया। उसका कहना है कि उसे रंजिशन फंसाया गया है। उसने पुलिस को बताया कि घायल जितेंद्र की रिश्ते की बुआ आशा हैं। उन्होंने उसकी पत्नी को डिलीवरी के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज के नाम पर लगे 14 हजार की जगह 20 हजार रुपये ले लिए। जब उसने आशा के पति से शिकायत की तो उसने मारपीट की रिपोर्ट दर्ज करा दी। तब से रंजिश चली आ रही है।
पूर्व प्रधान ने पुलिस को बताई घटना की वजह
गोली से घायल जितेंद्र के पिता पूर्व प्रधान छोट्टन सिंह ने पुलिस को बताया कि आरोपी जगदीश ने वर्ष 2018 में उसके परिवार की आशा सुमन के पति अनिल पहले मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। कुछ माह बाद उसने फिर से अनिल और उसके बड़े बेटे बच्चा सिंह पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी। घटना गलत होने पर मामले को खत्म किया तो आरोपी जगदीश ने वर्ष 2018 में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। सफल न होने पर उसने वर्ष 2019 में भतीजे अमरेंद्र सिंह पर सराफा दुकान में घुसकर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस घटना की पुलिस अभी भी जांच कर रही है। पूर्व प्रधान ने बताया कि इसी रंजिश के चलते जगदीश ने एक अन्य के साथ मिलकर मंगलवार रात उसके बेटे और भतीजे सुशील पर जानलेवा हमला किया।