न्यायालय परिसर में स्थापित विद्युत उपकेंद्र को चालू करने की तैयारी करते कर्मचारी।
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फन्यायालय भवन में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बनाए गए अलग विद्युत उपकेंद्र का निर्माण पूरा हो गया है। शुक्रवार को विद्युत सुरक्षा विभाग इसकी टेस्टिंग करेगा और इसके बाद इसे चालू कर दिया जाएगा।
न्यायालय को शहर के मोहल्ला कब्बाखेड़ा विद्युत उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति होती है। इससे सिविल लाइंस या आसपास के क्षेत्र में फॉल्ट होने पर न्यायालय की भी विद्युत आपूर्ति बंद हो जाती है। इससे न्यायालय का काम भी प्रभावित होता है। कई बार तो पूरे दिन बिजली गुल रहती है।
समस्या के समाधान के लिए न्यायालय परिसर में करीब छह करोड़ की लागत से उपकेंद्र स्थापित किया गया है। इस उपकेंद्र को भूमिगत लाइनों के जरिए सोनिक उपकेंद्र से जोड़ गया है। इससे जिला सत्र न्यायालय को चौबीस घंटे बिजली मिलेगी।
साथ ही लो वोल्टेज की समस्या भी खत्म होगी। सेकेंड्री वर्क डिवीजन के जेई मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार को उपकेंद्र में मीटर व केबल आदि जोड़ दिए गए हैं। शुक्रवार को टेस्टिंग की जाएगी। जो भी कमियां सामने आएंगी उन्हें दूर करके उपकेंद्र को चालू कर दिया जाएगा।