उन्नाव। परिषदीय स्कूलों में छात्र शिक्षक अनुपात को पूरा करने के लिए एक महीने पहले हुई काउंसलिंग को डीएम ने निरस्त करा दिया। आरोप है उस काउंसलिंग में एकल शिक्षक वाले स्कूलों को शामिल नहीं किया गया था। बीएसए के निलंबन के बाद डीआईओएस को चार्ज दिया गया। उन्होंने समायोजन सूची को दोबारा तैयार कराकर संस्तुति के लिए डीएम को भेजी है।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए 15 जुलाई को तत्कालीन बीएसए बीके शर्मा ने समायोजन काउंसलिंग कराई थी। जिसमें जिले के सोलह ब्लाकों से आए जूनियर के 94 और प्राथमिक के 23 शिक्षक शिक्षिकाओं को मिलाकर 117 शिक्षकों का समायोजन किया गया था। समायोजन के बाद सूची भी तैयार कर ली गई थी। बस उसे जारी करना था। इसी बीच बीएसए पर सामान खरीद में घालमेल का आरोप लगने पर शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। बीएसए का चार्ज डीआईओएस राकेश कुमार को दिया गया। निलंबन के बाद डीएम देवेंद्र पांडेय ने तैयार हुई समायोजन सूची में एकल शिक्षक वाले स्कूलों को शामिल न करने की बात कही और बीईओ मुख्यालय अजीत निगम को बुलाकर दोबारा समायोजन लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए। जिसमें जिले एकल शिक्षक वाले स्कूलों में 27 प्राइमरी व 42 जूनियर स्कूलों को शामिल करने के लिए कहा। शनिवार को डीआईओएस व बीईओ मुख्यालय ने मिलकर काउंसलिंग में शामिल हुए शिक्षकों की बिना जानकारी दिए नई सूची तैयार कर डीएम को दी है।
बीईओ मुख्यालय अजीत निगम ने बताया कि पहले हुई काउंसलिंग में एकल शिक्षक वाले स्कूल शामिल नहीं किए गए थे। अब उन स्कूलों को शामिल कर नई सूची तैयार कर डीएम को दी गई है। शिक्षकों को बिना जानकारी दिए सूची तैयार करने पर उनका कहना था यह किया जा सकता है।