रविवार को प्रशिक्षण के दौरान पोस्टल बैलेट से दी गई वोटिंग करने की सुविधा का कई कार्मिक फायदा नहीं उठा सके। कोई अपनी भाग संख्या नहीं बता सका तो कोई पहचानपत्र ही भूल आया। इससे सेंटरों पर काफी देर तक अव्यवस्था फैली रही।
रविवार को शुरू हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन मोहान और सदर विधानसभा क्षेत्र में नियुक्त किए गए मतदान कार्मिकों को बुलाया गया। इसमें पीठासीन, प्रथम व द्वितीय मतदान अधिकारी शामिल रहे। इन कार्मिकों सहित बीएलओ, पुलिसकर्मियों, होमगार्ड, चालक, परिचालक, वाहनों के क्लीनरों, कंट्रोलरूम कर्मचारी, वीडियोग्राफ र व सफ ाईकर्मियों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने लिए निराला प्रेक्षागृह व एसवीएम पूरननगर में फैसिलिटेशन सेंटर बनाए गए। यहां मतदानप्रपत्र 12-डाक मतपत्र एवं प्रपत्र 12क ईडीसी प्राप्त करने की व्यवस्था की गई थी लेकिन कई कार्मिक अपना ही मत डालने में फिसड्डी साबित हुए। कोई अपनी भाग संख्या ना बता सका तो कोई अन्य संबंधित जानकारी नहीं दे पाया। कुछ कार्मिक तो वोटिंग के लिए जरूरी पहचानपत्र तक नहीं लाए। ऐसे में फैसिलिटेशन सेंटर पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें बैरंग वापस कर दिया। बिना मत दिए वापस लौटाए जाने को लेकर कुछ कार्मिकों को अधिकारियों से विवाद भी हुआ। इससे काफी देर तक सेंटरों पर हंगामे की स्थिति बनी रही। हालांकि बाद में उच्चाधिकारियों ने हस्तक्षेप किया।
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443 ने बैलेट पेपर से किया मतदान
रविवार को प्रशिक्षण के पहले दिन 443 कार्मिकों ने बैलेट पेपर के जरिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें सबसे ज्यादा सफीपुर विधानसभा क्षेत्र के 113 कार्मिकों ने मतदान किया। वहीं बांगरमऊ के 85, मोहान के 15, सदर के 79, पुरवा के 77 और बीघापुर के 74 कार्मिकों ने बैलेट पेपर के जरिए वोट दिया। एआईजी स्टांप अरविंद सिंह ने बताया कि काफी संख्या में कार्मिक साथ में प्रपत्र ले गए हैं। अभी प्रशिक्षण के दो दिन शेष हैं। संभव है कि वह अगले दो दिन में मतदान करें।