कानपुर के नर्सिंगहोम में सुबह सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे दो पुत्र छोड़ गए हैं। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह, अरविंद सिंह गोप समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने कब्बाखेड़ा स्थित दिव्यानंद आश्रम पहुंच उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। दोपहर बाद शुक्लागंज के पक्के घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
फतेहबहादुर सिंह लंबे समय से शुगर से पीड़ित थे। पखवारेभर पूर्व हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें कानपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। सोमवार सुबह सात बजे उन्होंने नर्सिंग होम में ही अंतिम सांस ली। वह 77 वर्ष के थे। कानपुर से शव शहर के कब्बाखेड़ा में स्थित उनके दिव्यानंद आश्रम लाया गया। यहां आसपास के तमाम लोगों के साथ ही प्रदेश के कबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव, ग्राम्य विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप के साथ आश्रम पहुंचे। उन्होंने फतेहबहादुर के शव पर पुष्पगुच्छ चढ़ाया और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने फतेहबहादुर के बेटे अशोक सिंह व ब्लाक प्रमुख बहू रमा सिंह को ढांढस बंधाया। लोक निर्माण मंत्री ने दिवंगत फतेहबहादुर सिंह को अपना पुराना साथी बताया। कहा कि उनके निधन से प्रदेश के सहकारिता जगत को बड़ी क्षति हुई है। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया।
श्रद्धांजलि देने वालों में यह भी रहे मौजूद
चेयरमैन को श्रद्धांजलि देने वालों में शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य यादव, स्वास्थ्य राज्यमंत्री सुधीर रावत, लखनऊ सरोजनीनगर से विधायक व राज्यमंत्री शारदा प्रसाद शुक्ला, एमएलसी सुनील सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष अनवार अहमद, विधायक बदलू खां, उदयराज यादव, सदर विधायक पंकज गुप्ता, नगर पालिका उन्नाव के अध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता समेत अन्य दलों के नेता भी शामिल रहे। डीएम सौम्या अग्रवाल, एसपी नेहा पांडेय, सीओ सफीपुर वंदना सिंह आदि मौजूद रहे।
छह जुलाई को होनी थी शनि मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा
कब्बाखेड़ा में बड़े क्षेत्रफल में दिव्यानंद आश्रम बना है। आश्रम में कई देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित की जा चुकी हैं। चेयरमैन यहां पर शनि मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराने जा रहे थे। छह जुलाई को मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी थी। इसके लिए विधि विधान से पूजापाठ चल रहा था, लेकिन प्राण प्रतिष्ठा के पहले ही चेयरमैन का निधन हो गया। इसके अलावा हनुमान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा भी उनके सामने नहीं हो सकी।
जीवन परिचय पर एक नजर
सफीपुर तहसील के ओसियां गांव निवासी फतेहबहादुर सिंह शहर के डीवीडीटी इंटर कालेज में संस्कृत प्रवक्ता रहे। 1977 में मीसा में 18 महीना जेल में रहे। 1972 से 1988 में सफीपुर ब्लाक के प्रमुख रहे। 1985 में लोकदल के टिकट पर हड़हा विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 1989 में जनतादल की सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा मिला और गन्ना बीज विकास निगम के चेयरमैन बने। 1993 में सजपा के टिकट पर सदर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा। 1993 में जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष बनें। लगातार 23 साल से अध्यक्ष रहे। 1999 में सपा के टिकट पर एमएलसी का चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी से हारे। 2013 में उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन बने।