उन्नाव। शनिवार शाम और रात को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों को तगड़ा झटका दिया है। सरसों, आलू की फसल तो काफी पहले ही खराब हो गई थी। अब गेहूं की फसल भी प्रभावित होने लगी है। ओलावृष्टि व बारिश से गेहूं की फसल खेत में ही गिर गई है। जिससे फसल का उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है। वहीं, आम के बौर के खराब होने और रोग लगने की संभावना भी जताई जाने लगी है। मौसम की मार से प्रभावित किसानों को फसल बीमे का मुआवजा देने के लिए अधिकारी शनिवार को फील्ड पर निकले और नुकसान की जांच की।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने शनिवार को सिकंदरपुर सरोसी के गांव कुर्मिखेड़ा व नादाखेड़ा में फसलों के नुकसान की जांच की। इस दौरान उन्होंने माना कि फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, उपनिदेशक कृषि डा. नंदकिशोर ने कई गांवों में जाकर नुकसान का जायजा लिया। हालांकि बीमा कंपनी अभी ज्यादा नुकसान की बात नहीं स्वीकार कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सफ ीपुर के ग्राम किशनपुर टडवा निवासी महंत रामचरण ने बताया कि शाहपुर, पापरि के कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने खुद के पास भूमि न होने के बाद भी बड़े किसानों से खेत बटाई पर लिए थे। ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचा है। फतेहपुर चौरासी के ग्राम सरहा निवासी अभिषेक पुत्र सुरेश पांडेय ने छह बीघा आलू बोई थी। डेढ़ बीघा आलू ट्रैक्टर मशीन से खोदी गई कि शाम को ओलावृष्टि से काफ ी संख्या में आलू बीच से फ टकर बर्बाद हो गई।
पुरवा में बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, मटर व चना की फ सलें चौपट हो गई हैं। अगनुवाखेड़ा के किसान सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि ओला गिरने से 60 बीघे में बोयी गेहूं व सरसों की फसल चौपट हो गई है। बाजीखेड़ा के किसान डॉ. गोवर्धनलाल पटेल ने बताया कि ओला गिरने से 11 बीघा गेहूं, 4 बीघा आम की फ सल के बौर चले गए। सरसों 2 बीघा व चना एक बीघा नष्ट हो गए। पासाखेड़ा के किसान विक्रम सिंह ने कहा कि 35 बीघा में बोई गई फसलें खराब हुई हैं। मिर्रीकला, रम्माखेड़ा, महरामऊ, कटहर, जगतखेड़ा व गदोरवा में भी ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी विवेक सिह ने बताया कि करीब 3 हजार हेक्टेयर की फ सल चौपट हुई है। न्याय पंचायतों में भदनांग, अडगांव, पासाखेडा, सिजनी, त्रिपुरारपुर, चमियानी, मोहद्ददीनपुर में 60-70 प्रतिशत फ सलों को नुकसान हुआ है। मिर्जापुर सुम्हारी, भूपतिपुर, पकराबुजुर्ग व बेहटाभवानी न्याय पंचायतों में नुकसान का प्रतिशत 40 से 50 के बीच रहा।
मौरावां। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश व ओलों से एक तरफ फसलों को तो तगड़ा नुकसान हुआ ही है। वहीं, दूसरी ओर ईंट-भट्ठों में कच्ची ईंट पानी में बह गई। गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, अलसी, कलौंजी, सरसों आदि फसलें तबाह हो गई हैं। इसके अलावा क्षेत्र के दर्जनों ईंट-भट्टों में बनी पड़ी लाखों की संख्या में कच्ची ईंटे बारिश से नष्ट हो गई हैं। भविष्य में अब ईंट की कीमत में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।
गंजमुरादाबाद में भारी बारिश के कारण महमदाबाद-कलवारी मार्ग के रेलवे अंडरपास में अब चार फि ट तक बरसाती पानी भर गया है। जिससे छोटी चार पहिया व दोपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। हरदोई-उन्नाव राजमार्ग से निकला महमदाबाद-कलवारी मार्ग पर बने रेलवे क्रॉसिंग पर दो वर्ष पूर्व रेलवे अंडरपास का निर्माण कराया गया था लेकिन जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराया जा सका। जिससे बरसात का सारा पानी इसी अंडरपास में भर जाता है जोकि दो सप्ताह तक भरा रहता है। दो दिनों तक हुई बरसात से इस अंडरपास में चार फि ट तक पानी भर गया है। जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। राहगीर दो किमी का चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
बिछिया में शुक्रवार देर शाम आंधी-तूफ ान व बारिश के चलते बिछिया पावर हाउस से जुड़े क्षेत्रों की बिजली 24 घंटे बाद भी सामान्य नहीं हो सकी। घूरखेत, पड़रीकला, पड़रीखुर्द, जरगांव, बदलीखेड़ा, पंचमखेड़ा, नेवरना व मऊ सुल्तानपुर सहित दो सैकड़ा मजरों में 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली न आने से गांव के राशन वितरण की दुकानों में ई-पॉश मशीन धड़ाम है। इससे उपभोक्ताओं को होली के त्योहार में राशन नहीं मिल रहा है। जेई जुगराज सिंह ने बताया आंधी-पानी के कारण कई जगहों पर 33 हजार लाईन के तार जंगल में गिर जाने से आपूर्ति ठप है। मरम्मत का काम चल रहा है।
पुरवा के मोहल्ला दलीगढ़ी में तार टूटने व चमियानी फ ीडर में बाजीखेड़ा के निकट इंसुलेटर खराब होने से आपूर्ति बाधित रही। जेई अशोक पाल ने कहा कि मरम्मत कराकर आपूर्ति बहार कर दी गई है। वहीं, दरसवां फ ीडर की हाईटेंशन लाइन में शुक्रवार रात 9 बजे फॉल्ट आ जाने से 80 गांवों की बिजली ठप हो गई। जेई उमाशंकर ने बताया कि तेज हवा के चलते के हाईटेंशन लाइन में फ ॉल्ट आ गया। कर्मचारियों को लगाकर फ ॉल्ट खोजा जा रहा है।
असोहा ब्लॉक क्षेत्र के रामपुर और बछौरा पंचायत में रजबहा की खांदी कटने से रबी की फ सलें जलमग्न हो गईं। शनिवार ब्लॉक क्षेत्र के रामपुर में शेरवइया माइनर से निकली रावतपुर रजबहा में खांदी कट गई। जिससे पंचायत के कन्हैयालाल, सूर्यापाल व राजनारायण की लगभग 10 बीघा रबी की फ सल जलमग्न हो गई है। ग्राम प्रधान अश्वनी मिश्रा ने बताया कि माइनर सफ ाई नहीं होने से खांदी कट रही है। लगभग 2 माह पूर्व भी खांदी कट गई थी उसमें भी किसानों की फ सल बर्बाद हुई थी। वहीं, ब्लॉक के ही बछौरा में पैंथर माइनर में भी खांदी कट गई जिसमें बछौरा निवासी दीपू, संजय, तुलसी, संतू व अमरनाथ आदि किसानों की लगभग 16 बीघा रबी की फ सलं जलमग्न हो गईं। ग्रामीणों ने नहर विभाग के अधिकारियों को सूचना दी लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। एसडीएम राजेश चौरसिया ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। नहर विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर खांदी की मरम्मत कराएंगे।