उन्नाव। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर मुसाफिरों के लिए दुश्वारियां फिलहाल दूर होती नजर नहीं आ रही हैं। आजाद मार्ग के पास चौराहे के पास बन रहा कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के अंडरपास का काम पांच महीने में पूरा हो गया, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे का अंडरपास सात महीने में आधा ही हो पाया है।
सोमवार से दोनों तरफ का यातायात कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन से निकाला जाएगा। वहीं, सात महीने पहले शुरू हुआ हाईवे की सड़क बनाने का काम अभी भी अधूरा है। एक परत (पहली ओवर-ले) का काम 12 किमी. बाकी है। इसके बाद कानपुर से लखनऊ के बीच दूसरी सड़क की दूसरी परत डाली जाएगी। काम पूरा होने में तीन महीने लगेंगे, तब तक मुसाफिरों की दुश्वारियां बरकरार रहेंगी।
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सोनिक अंडरपास, तीन महीने में होना था पूरा, सात महीने में अधूरा
मेरठ से प्रयागराज के बीच बन रहा गंगा एक्सप्रेसवे उन्नाव जिले में सोनिक के पास लखनऊ-कानपुर हाईवे को क्रॉस कर रहा है। सोनिक मोड़ के पास अंडरपास बनाकर एक्सप्रेसवे को हाईवे के ऊपर से निकाला जा रहा है। इससे यहां 10 अक्तूबर 2024 से 200 मीटर दायरे में दोनों तरफ का यातायात एक ही लेन से चल रहा है। हालत यह है कि तीन किलोमीटर दायरे में चौबीसों घंटे यातायात रेंगता है। पहले निकलने की जल्दबाजी में अक्सर घंटों जाम भी लगता है।
हैरानी की बात यह है निर्माण एजेंसी की लापरवाही के चलते जिस काम को तीन महीने में पूरा होना था वह सात महीने में आधा हो पाया है। यहां दोनों लेन पर 32 गर्डर रखने थे और बाद में स्लैब का काम होना था। अभी तक कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर 16 गर्डर रखने और स्लैब का काम पूरा हो सका है। दूसरी लेन (लखनऊ से कानपुर) पर केवल 16 गर्डर ही रखे गए हैं। सोमवार से लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर काम होगा और यातायात कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर चलाया जाएगा। काम पूरा होने में अभी दो महीने और लगेंगे।
प्रोजेक्ट इंचार्ज संजीव तिवारी ने बताया कि बीच में रेलवे ब्लॉक मिलने से रेलवे ट्रैक के ऊपर का काम पूरा कराया जाने लगा था, इस वजह से हाईवे वाले काम में देरी हुई। काम को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। सोमवार से दूसरी लेन काम शुरू हो जाएगा।
हाईवे: सात महीने बाद भी सड़क, अधूरी तीन महीने और रहेगी मुश्किल
खस्ताहाल लखनऊ-कानपुर हाईवे की सड़क को बनाने के काम में एनएचएआई की सुस्ती मुसीबत बनी है। सड़क की ऊपरी परत उखाड़ने और हवा के प्रेशर से सफाई के बाद नई परत (ओवर-ले) बिछाई जा रही है। रोज दो किलोमीटर दायरे में एक लेन बंद करने से जाम लगता है। हैरानी की बात यह है कि अक्तूबर 2024 में शुरू हुआ 82 किलोमीटर सड़क बनाने के काम में अभी 12 किलोमीटर का काम बाकी है। दूसरे चरण में पूरे 82 किमी. में डामर-गिट्टी की एक और परत डाली जाएगी। इसके बाद अवैध कट और ब्लैक स्पॉट खत्म करने का काम होगा। एनएचएआई ने जीएस एक्सप्रेस नाम की निर्माण एजेंसी को इस काम के लिए 92 करोड़ का ठेका दिया है। यही एजेंसी पांच साल तक हाईवे का रखरखाव भी करेगी।
एनएचएआई के इंजीनियर अभय कुमार ने बताया कि कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर सड़क बनाने का काम 30 मई तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद दूसरी परत डाली जाएगी। तीन महीने में पूरा काम समाप्त कर लिया जाएगा।
एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का अंडर पास छह महीने में पूरा
कानपुर-लखनऊ के बीच एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (एनई-6) के लिए हाईवे (एनएच 27) पर आजाद मार्ग चौराहे के नजदीक अंडरपास बनाने का काम पूरा हो गया है। दिसंबर 2024 से काम शुरू हुआ था और दोनों लेन पर 10-10 गर्डर रखने के बाद स्लैब का काम कराया गया है। पहले चरण में कानपुर से लखनऊ लेन और दूसरे चरण में लखनऊ से कानपुर वाली लेन पर काम कराया गया। शनिवार को दोनों लेन का काम पूरा हो गया।
एनएचएआई के पीडी सौरभ चौरसिया ने बताया कि इस अंडरपास को बनाने का काम बहुत तेजी से पूरा कराया गया, ताकि हाईवे का यातायात प्रभावित न हो। बताया कि प्रयास किया गया कि काम करने के दौरान भी यातायात चलता रहे। काम को 15 मई तक पूरा करना था, लेकिन समय से पहले ही पूरा कर लिया गया।