फोटो-11-विकासभवन। संवाद
-नया नहीं है 3.85 करोड़ का गड़बड़झाला, डीएम करा रहे हैं पिछले चार साल की जांच
-दो माह पूर्व भी एनआरएलएम में 11 लाख रुपये का भी पकड़ा जा चुका है गबन
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) जिम्मेदारों की कमाई का जरिया बन गई हैं।
तीन साल पहले हुए 3.85 करोड़ के घपले में 24 जुलाई को तत्कालीन प्रभारी के निलंबन करने के बाद मामले ने फिर तूल पकड़ा है। विभाग में यह गड़बड़झाला नया नहीं है। पुरवा में दो माह पूर्व 11 लाख रुपये बीएमएम द्वारा गबन किए जाने का मामला पकड़ा जा चुका है। इसको देखते हुए डीएम पिछले चार साल में समूहों को मिले करीब 50 करोड़ की जांच करा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में एनआरएलएम योजना में हुए 3.85 करोड़ के घपले में तीन दिन पहले तत्कालीन प्रभारी संजय पांडेय को निलंबित किया गया था। एनआरएलएम में वर्तमान में पुरवा में एक गड़बड़झाले की जांच चल रही है। पुरवा में जनसुनवाई पोर्टल पर फर्जी समूह गठित करके सरकारी धन हड़पने की आई शिकायत पर डीएम ने जांच टीम गठित की थी।
टीम में उपायुक्त स्वत: रोजगार भानु प्रताप सिंह, जिला मिशन प्रबंधक प्रदीप कुमार, अशोक कुमार व रजीउल हसन ने पुरवा विकासखंड आकर जांच की थी। बैंक स्टेटमेंट, अन्य अभिलेखों के साथ स्थलीय सत्यापन में जानकारी हुई थी कि ब्लाक में बीएमएम दीपराज ने तीन महिला समूह कर्मियों के साथ मिलकर कूटरचित कागजों के आधार पर फर्जी समूहों का खाता खुलवाकर पहले शासन से जारी बजट उसमें ट्रांसफर कराया था।
प्रारंभिक जांच में करीब 11 लाख निकालने की पुष्टि के बाद पुरवा बीडीओ डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने बीएमएम व समूह की तीन महिलाओं पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एक जून को डीएम घनश्याम मीना ने विकासभवन में बैठक के दौरान मौजूद बीएमएम को गिरफ्तार करवाया था। मामले में डीएम दो अलग अलग जांच करा रहे हैं। इसमें पिछले चार साल में मिले करीब 50 करोड़ का एक तरफ आडिट कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर तीन सदस्यीय टीम भी जांच कर रही है। डीएम का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।