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बांगरमऊ महोत्सव में गजल गायक, शायरों व कवियों ने बांधा शमा

Wed, 06 Apr 2016 01:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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मुशायरे में अपने कलाम पेश करते शायर। - फोटो : अमर उजाला
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बांगरमऊ महोत्सव के चौथे दिन सोमवार की शाम को प्रसिद्ध गजल गायक कमाल खान ने अपनी संगीतमय गजलों को प्रस्तुत किया। जिसे सुनकर श्रोता वाह-वाह करने को मजबूर हो गए। इसके बाद आल इंडिया मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जो पूरी रात चलता रहा।
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गजल गायक कमाल खान ने अपनी बेहतरीन गजलों को सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जब उन्होंने चुपके-चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है और इतना टूटा हूं कि छूने से बिखर जाऊंगा पेश किया तो श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका हौसला बढ़ाया।

इसके बाद मुशायरे की शुरुआत बाराबंकी के अली ने जां इश्क में मिट जाए सौदा हो तो ऐसा हो, सरकारे दो आलम से रिश्ता हो तो ऐसा हो और आका की मोहब्बत में मिटते हैं बिलाल हब्सी, पत्थर हो तो ऐसा हो सीना हो तो ऐसा हो नाते पाक से की। इसके बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए वसीम रामपुरी ने जब रेजा-रेजा बिखर गए होते, तुम न होते तो मर गए होते, आईना अपने सामने रखकर, काश तुम भी संवर गए होते पंक्तियां पढ़ीं तो श्रोता वाह-वाह करने लगे।
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शायरा हिना अंजुम ने अपना कलाम कुछ यूं पढ़ा ‘फल बिखरे हुए हैं राहों में, जिंदगी है तेरी पनाहों में। जबसे महसूस कर लिया तुझको, कोई जंचता नहीं निगाहों में’। शायर शादाब आजमी के ना तो खार वाले हैं ना बबूल वाले हैं, हमको फर्क है इस पर हम रसूल वाले हैं कलाम को काफी सराहा गया।

नगर के नौजवान कवि व शायर फजलुर्रहमान ने ‘चिलमन उठा के इस तरह देखा ना कीजिए, दर्दे जिगर में और इजाफा न कीजिए’ और पहले ही बिक चुका हूं किसी दिलरुबा के हाथ, उल्फत का मेरी भूल के सौदा न कीजिए पंक्तियों से लोगों को देररात तक बांधे रखा।

शायर जौहर कानपुरी ने भारत माता की जय कहने को लेकर मचे बवाल पर यह कलाम पढ़ा कि मादरे हिंद का मतलब भी है भारत माता, मादरे हिंद हमेशा ही कहा है हमने। यार ना समझी में तुम हमको गलत मत समझो, नाम इस देश का सीने पर लिखा है हमने। इसके अलावा शायरा शबीना अदीब, शायर अल्ताफ जिया मालेगांवी, सुफियान प्रतापगढ़ी, आलम निजामी ने भी अपने कलाम पेश किए।


कवि विकास बौखल ने  कैसी-कैसी बातों को कविता में सजा देता है, है तो पौवा मगर बोतल का मजा देता है प्रस्तुत कर लोगों का खूब मनोरंजन किया। इसके अलावा शायर तैय्यब, उसैद प्रतापगढ़वी, चांदनी शबनम, काविश रुदौलवी, शाह खालिद, नूरी परवीन ने भी अपने बेहतरीन कलाम सुनाकर लोगों का दिल जीत लिया।


शैफाली नाइट्स में उमड़ी भीड़- बांगरमऊ (उन्नाव)। बांगरमऊ महोत्सव में मंगलवार रात को मशहूर डांसर शैफाली जरीवाला ने जलवा बिखेरा। इस दौरान पूरा पांडाल खचाखच भरा रहा। जैसे ही शैफाली ने जैसे ही कांटा लगा... गाने पर डांस किया तो लोग झूम उठे, उनके ग्रुप के कलाकारों ने भी मशहूर गानों पर दर्शकों की तालियां बटोरीं।
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