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पूरब से पश्चिम को जोड़ेगा उन्नाव

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शाहजहांपुर में प्रधानमंत्री के शिलान्यास कार्यक्रम का प्रसारण देखते विकास भवन के अधिकारी। संव? - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिये पूरब से पश्चिम को जोड़ने में उन्नाव सेतु का काम करेगा। प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे की जिले में सबसे ज्यादा लंबाई होगी। यह जिले की सभी छह तहसीलों से होकर निकलेगा। लखनऊ व कानपुर के लोग भी उन्नाव से इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ कर मेरठ और प्रयागराज जा सकेंगे। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर शहर से दस किमी दूर सोनिक में उतरने व चढ़ने के लिए एक जंक्शन बनेगा। कानपुर-लखनऊ एलिवेट एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए नेवरना गांव के पास जंक्शन बनाया जाएगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम का कलक्ट्रेट व विकास भवन में प्रोजेक्टर लगाकर सीधा प्रसारण दिखाया गया। मेरठ से प्रयागराज के बीच बनने वाला एक्सप्रेसवे 76 गांवों से गुजरेगा। मेरठ के बिजौली ग्राम के नजदीक से इसका निर्माण शुरू होगा और प्रयागराज के जुड़ापुर दांदू ग्राम के पास पूरा होगा। इस एक्सप्रेसवे को पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाला बताया जा रहा है। हरदोई से जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले इस एक्सप्रेसवे में दो जंक्शन प्रस्तावित हैं। इसमें एक कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोनिक व एलीवेटेड कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर नेवरना के पास जंक्शन बनाए जाएंगे। जंक्शन बनने से मेरठ, प्रयागराज से आने वाले वाहन यहीं से उतरकर लखनऊ, कानपुर जा सकेंगे। लखनऊ, कानपुर के साथ जनपद के लोगों को भी इसी जंक्शन से चढ़कर मेरठ, प्रयागराज का सफर करने में आसानी हो जाएगी। अभी तक उन्नाव के लोगों को मेरठ व प्रयागराज पहुंचने के लिए दूसरे जनपदों से होकर आवागमन करना पड़ता है।
अभी तक उन्नाव के लोग प्रयागराज जाने के लिए रायबरेली और कानपुर के रास्ते आवागमन करते हैं। 200 किमी से अधिक दूरी होने के कारण सफर तय करने में चार से पांच घंटे का समय लग जाता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद उन्नाव के लोग सीधे इसके जरिये प्रयागराज पहुंच सकेंगे। दूरी 150 किमी के आसपास हो जाएगी और दो से तीन घंटे लगेंगे। कानपुर, लखनऊ में रहने वाले लोग इस एक्सप्रेसवे से मेरठ, प्रयागराज तक कम समय में पहुंच सकेंगे। भूमि अध्याप्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेसवे हरदोई से जनपद की सीमा में प्रवेश करेगा। हरदोई और उन्नाव की सीमा के बीच में आगरा एक्सप्रेसवे पड़ता है। इसी कारण एक फ्लाईओवर वहीं पर बनाया जाएगा।
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गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 98 प्रतिशत से अधिक भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है। जिले की छह तहसीलों से एक्सप्रेसवे गुजरना है। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।
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-रवींद्र कुमार, डीएम
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