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गंगा में नहीं गिरेगा नालों का प्रदूषित पानी

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उन्नाव। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की सख्ती के बाद अब नगर पालिका गंगा में दूषित पानी गिरने से रोकने के बंदोबस्त में लगा है। शहर के नालों का बायो रेमिडेशन कराया जाएगा। अगले सप्ताह इसकी शुरुआत होगी। केमिकल और कल्चर के जरिये नालों के पानी के हानिकारक तत्वों को नष्ट किया जाएगा।
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शहर में जिला जेल के पास से मगरवारा होते हुए गंगा में गिरने वाली 27 किमी सिटी ड्रेन, शहर व दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र होते हुए गंगा में गिरने वाली लोनी ड्रेन गंगा के जल प्रदूषण की बड़ी वजह हैं। आने वाले दिनों में माघ मेला व अन्य स्नानों को लेकर एनजीटी ने गंगा में दूषित पानी जाने से रोकने के आदेश दिए हैं। अब नगर पालिका दोनों ड्रेनों को शुद्ध करने के लिए पानी को बायो रेमिडेशन प्रक्रिया से शुद्ध करेगी। दोनों नालों से प्रतिदिन औसतन बीस हजार लीटर पानी गंगा में गिरता है। स्वच्छ भारत मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि नालों को बायो रेमिडेशन पद्धति से साफ कराया जाए। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह सिटी ड्रेन से इसकी शुरूआत की जाएगी।
स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में उन्नाव नगर पालिका की रैंकिंग में अपेक्षित सुधार न होने के पीछे भी यह नाले बड़ी वजह साबित हुए। केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में 10 लाख तक की आबादी वाली 372 पालिकाओं में शामिल उन्नाव नगर पालिका वर्ष 2021 के सर्वेक्षण में 259वें स्थान पर रही है।
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