उन्नाव। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 40 सेमी की कमी आई। गुुरुवार शाम 6 बजे जहां जलस्तर 113.040 मीटर पर था। वहीं शुक्रवार शाम 6 बजे घटकर 112.0770 मीटर पर पहुंच गया। ग्रामीणों को फौरी तौर पर मामूली राहत मिली। हालांकि अभी गांवों में पानी भरा होने और फसलें जलग्न होने से किसान चितिंत हैं। पानी घटने के बाद संक्रामक रोगों के फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। एडीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि राजस्वकर्मियों के माध्यम से नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है।
परियर में शुक्रवार को गंगा का जलस्तर एक फीट घट गया। माना बंगला, बाबू बंगला, बंदनपुरवा, लालतुपुरवा, पनपथा, धनकुखेड़ा, कोलवा, जुड़ापुरवा, पटियारा, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, टेपरा, अतरी गांवों के पास पानी अभी भी जमा है। कई गांवों के आवागमन के रास्ते डूबे हुए हैं। तरोई, लौकी, भिंडी, कद्दू, धान की पानी में डूबी फसल सड़ने लगी है। लोगों को खेतों व अमरूद के बागों में जाने के लिए नाव का अभी भी सहारा लेना पड़ रहा है। पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या बनी हुई है।
बीघापुर के दूलीखेड़ा, लालखेड़ा, धरमपुर, चहलहा, करमी, गढ़ेवा पाही, चंदनपुर, लछनिया कटरी में बाढ़ का पानी थोड़ा कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि कटरी क्षेत्र की हजारों एकड़ भूमि में सरसों की बुवाई पूरी तरह से नष्ट हो गई। वहीं गढ़ेवा पुल पर जाने के लिए तीसरी जगह कटान होने से गांव के निकट स्थित पुलिया के पास पूरी तरह रोड कट गई है। जलस्तर थोड़ा सा कम होने से किसानों ने खेत में पड़ी धान की फसल को उठाने का प्रयास शुरू कर दिया है। एसडीएम अंकित शुक्ला ने बताया कि शनिवार व रविवार को बीघापुर तहसील क्षेत्र के प्रत्येक गांव में पीड़ित परिवारों को किट उपलब्ध करा दी जाएगी।