सईं नदी का जलस्तर बढने से लोहरामऊ गांव की सड़क तक पहुंचा पानी। संवाद
- फोटो : UNNAO
मौरावां। सईं नदी का जलस्तर बढ़ने से ब्लाक हिलौली के गांव लोहरामऊ तक पानी पहुंच गया है। इससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दर्जनों गांव के लोगों का पड़ोसी जिले रायबरेली से संपर्क कट गया है। नियमित व्यवसाय के साथ आवागमन भी ठप हो गया है। व्यापारी व राहगीर कई किमी के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
लोहरामऊ गांव के सामने सई नदी पर पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने पुल निर्माण कराया था। हालांकि इस दौरान गांव से पुल तक ऊंची सड़क नहीं बनाई गई। कुछ दिन पहले हुई बारिश से सई नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे लोहरामऊ गांव के पास ढाल क्षेत्र में पानी भर गया। मवई, रजवाड़ा, खानपुर, चंदीखेड़ा, प्रसादखेड़ा, बुआखेड़ा, धाराजीतखेड़ा व झाऊखेड़ा के लोगों का पड़ोसी जिले रायबरेली व बछरावां से आवागमन ठप हो गया। कुछ लोग करदहा स्थित दूसरे पुल से छह किमी का लंबा चक्कर लगाकर बछरावां रायबरेली का आवागमन करने को मजबूर हैं।
ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि र्सइं नदी के पुल से गांव तक कुछ हिस्से में मुख्य मार्ग पर खड़ंजा लगा हुआ है। कुछ भाग कच्चा है। खड़ंजे वाले भाग में काफी ऊपर तक पानी भरने से आवागमन ठप हो गया है। लोक निर्माण विभाग यदि शेष सड़क बना दे तो जलभराव की समस्या से निजात मिल जाएगी। एक किमी ऊंची पक्की सड़क पहले ही बननी चाहिए थी। ऊंची सड़क बन जाने से समस्या का समाधान हो जाएगा। गांव के ही धर्मेश तिवारी, प्रसून द्विवेदी, हनुमान कुशवाहा, टिल्लू, सुभाष शर्मा व राजू सविता ने शेष मार्ग के उच्चीकरण के साथ डामरीकृत कराने की मांग डीएम से की है।
सईं पुल के उस पार रायबरेली जिले के प्राचीन शिव मंदिर कंजेश्वर धाम से लोगों की आस्था जुड़ी है। वहां कुछ लोग प्रतिदिन दर्शन करने जाते थे। जलभराव हो जाने से लोग मंदिर नहीं जा पा रहे हैं।