उन्नाव। लगातार दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ज्यादातर लोग घरों में ही रहे। जरूरत पर ही बाहर निकले। बरसात से हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोगों को जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। धान, तरोई, बैंगन, करेला व लौकी की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होने से काफी नुकसान पहुंचा है।
पिछले 24 घंटे में जिले में औसत 75 मिलीमीटर बारिश हुई। इसमें सदर तहसील क्षेत्र में 43 एमएम पानी बरसा। शहर के पीडीनगर, सिविल लाइन, मौहारीबाग, रामपुरी, इंद्रानगर, पूरननगर, बंधूहार समेत अधिकांश मोहल्लों में भरा पानी कम नहीं हो सका। घरों के चारों तरफ पानी भरने से लोग परेशान रहे। हसनगंज तहसील क्षेत्र में 165 एमएम पानी बरसा। इससे र्सइं नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। जलेश्वरनाथ मंदिर के चारों तरफ पानी भर गया। रसूलपुर बकिया, अहमदपुर टकौली, फकरुदीनपुर, बिचपरी नींदेमऊ, हसनगंज मोहान, भोगला व आदमपुर बरेठी के खेतों में पानी भरने से किसानों की सौ बीघा में बोई गई धान, तरोई, बैंगन, करेला व लौकी की फसल जलमग्न हो गई। किसान भगौती, अनिल, नन्हू, राजेंद्र, कुसमा, राजपाल, बाबूलाल, कल्लू, ठाकुर प्रसाद व सुंदर लाल ने बताया कि अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से उर्द की फसल भी जलमग्न हो गई है। एसडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि फसलों के नुकसान का आंकलन कराया जाएगा। सफीपुर में 56 और पुरवा में 36 मिलीमीटर बारिश हुई।
बारासगवर। जगतपुर गांव निवासी 71 वर्षीय शीतलदीन पासवान शुक्रवार को अपने मकान की कच्ची कोठरी के अंदर लेटा हुआ था। बेटा बच्चूलाल दवा लेने ऊंचगांव गया था और बहू सविता पानी भरने गई थी। इसी दौरान तेज आवाज के साथ कच्ची कोठरी अचानक ढह गई। पड़ोसी पहुंचे और मलबे में दबे शीतलदीन को बाहर निकाला। उधर, हसनगंज ब्लाक के सिंघनापुर गांव के मिथिलेश कुमार और रामपुर अखौली के बृजेंद्र की कच्ची कोठरी भरभरा कर गिर गई। हालांकि दोनों मामलों में कोई घायल नहीं हुआ। (संवाद)
चकलवंशी। मुजफ्फरपुर सर्रा निवासी कलावती पत्नी कल्लू लोध गुुरुवार देर शाम शौच के लिए खेत जा रही थी। तभी सरवन रैदास के घर की बारिश से कमजोर हुई कच्ची दीवार कलावती पर गिर गई। ग्रामीणों ने महिला को बेहोशी हालत में बाहर निकाल कर मियांगज सीएचसी में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। (संवाद)
पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हुई बारिश से बिजली विभाग को तगड़ा झटका लगा है। कई क्षेत्रों में 48 घंटे बाद भी बिजली गुल है। फाल्ट ठीक किए जा रहे हैं। बरसात से 100 पोल टूटे और 10 ट्रांसफार्मर दगा दे गए। 50 किमी तक के तार टूटे हैं।