उन्नाव। प्रदेश सरकार की योजना के तहत अगले तीन माह में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय संचालित होने शुरू हो जाएंगे। इससे ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं के लिए ब्लाक, तहसील व जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। ग्राम सचिवालय में जनसेवा केंद्र भी होगा।
जिले में 1040 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें ज्यादातर में पंचायत भवन बनवाए गए हैं। इन्हें ग्राम सचिवालय का दर्जा देते हुए हाईटेक किया जाएगा। हर सचिवालय में इंटरनेट की व्यवस्था होगी। जनसुविधा केंद्र भी खुलेंगे। वहीं बैंक संबंधी कार्यों के लिए बैंक सखी ग्राम सचिवालय में बैठेंगी। बेरोजगारों को रोजगार देने के उद्देश्य से उन्हें डाटा इंट्री आपरेटर पदों में मानदेय पर युवाओं को चयनित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में तीन माह के अंदर ग्राम सचिवालयों को हाईटेक किए जाने की रिपोर्ट मांगी है।
ग्राम सचिवालय में फर्नीचर के साथ जरूरी उपकरणों की भी व्यवस्था की जाएगी। कार्यालय की साज-सज्जा एवं कंप्यूटर के लिए 1.75 लाख की धनराशि भी दी जाएगी। खरीदारी का अधिकार ग्राम पंचायत को दिया गया है। कार्यालय में इंटरनेट की व्यवस्था ग्राम पंचायत करेगी। जिला पंचायतराज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था में ग्राम पंचायतें सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। हालांकि अभी तक ग्राम पंचायतें अपना कार्यालय स्थापित कर इसे व्यवस्थित रूप से नहीं चला पा रही हैं। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने ग्राम सचिवालय पर कार्य शुरू किया है। ग्राम सचिवालय को रोजाना खोला जाएगा। ग्राम पंचायतों की नियमित बैठकें भी पंचायत कार्यालय में ही समय पर होंगी। इससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।