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शुद्ध पानी के लिए करिए पांच माह इंतजार

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उन्नाव। शहर और शुक्लागंज के छह लाख लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए निर्माणाधीन अमृत (अटल मिशन फॉर रिजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन) योजना की समय सीमा एक बार फिर दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। यह तीसरा मौका है जब 253 करोड़ की योजना को पूरा करने की समय सीमा बढ़ाई गई है। कोरोना संक्रमण, नगर पालिका से उसके हिस्से के 62.4 करोड़ रुपये न मिलना और भूमिगत पाइप लाइन बिछाने की एनओसी नहीं मिल पाना इसकी वजह है।
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वर्ष 2018 में मंजूर हुई इस योजना को जुलाई 2020 तक पूरा करना था। कोरोना के कारण काम रुकने और बजट में देरी से समय छह महीने बढ़ाते हुए मार्च 2021 कर दी गई थी। कोरोना की दूसरी लहर और नगर पालिका की ओर से 62.4 करोड़ रुपये नहीं मिल पाए। भूमिगत पाइप लाइन बिछाने के लिए रेलवे, सिंचाई विभाग और एनएचएआई से एनओसी नहीं मिल पाई है। इस कारण जुलाई 2020 तक पूरा होने वाला फेज-1 का काम अभी 75 फीसदी हो पाया है। अगस्त 2020 तक पूरा किए जाने वाले फेज-2 का काम 65 फीसदी हो पाया है। जल निगम के एक्सईएन केके कटियार ने बताया कि योजना की कुल लागत की 20 फीसदी धनराशि नगर पालिका (लोकल बॉडी) को देनी है, लेकिन अभी तक नहीं मिल पाई है। रेलवे ने सरैया, लोकनगर और रायबरेली रेलवे क्रासिंग के नीचे से पाइप लाइन निकालने की अनुमति तो दे दी, लेकिन कचहरी क्रासिंग और हाईवे क्रासिंग की एनओसी नहीं मिली है। आवास विकास बाइपास से गदन खेड़ा चौराहा तक हाईवे किनारे भूमिगत पाइप लाइन के लिए एनएचएआई और गंगा बैराज के पास 300 मीटर में कानपुर सिंचाई विभाग से अभी एनओसी नहीं मिली है।
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