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कागजों में बढ़ी तारीख, हकीकत में गेहूं खरीद नहीं

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उन्नाव। प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीद की बढ़ाई गई तारीख पर अमल नहीं हो रहा है। दो दिन बाद भी खरीद का पोर्टल नहीं खोला गया है। इससे केंद्रों पर खरीद नहीं हो पा रही है। लखनऊ खाद्य आयुक्त कार्यालय से केवल बांगरमऊ व उन्नाव मंडी परिषद में खोले गए केंद्रों पर ही खरीद हो रही है। जिले में खुले अन्य केंद्रों पर पूरी तरह से सन्नाटा है। किसान केंद्रों से बिना उपज बेचे ही मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं।
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बीघापुर क्षेत्र के टेढ़ा क्रय केंद्र में गुरुवार को भी खरीद नहीं हुई। केंद्र पर पहुंचे किसानों को पोर्टल न चलने की बात कहकर वापस कर दिया गया। यही हाल सिकंदरपुर कर्ण के कांटी क्रय केंद्र का रहा। सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव केंद्र पर पहुंचे और डीएम से बात की। औरास साधन सहकारी समिति के पीसीएफ गेहूं क्रय केंद्र पर भी खरीद नहीं हुई। जमालनगर के किसान सुरेंद्र ने बताया कि खुले आसमान के नीचे गेहूं डंप है। प्रभारी पोर्टल न खुलने की बात कहकर केंद्र से चले गए। शाहपुर तोंदा के इम्तियाज ने बताया कि प्रभारी एक माह से दौड़ा रहे हैं। खरीद नहीं हुई है।
हिलौली ब्लाक के दो खरीद केंद्र साधन सहकारी समिति हिलौली व खजुहाखेड़ा में दो दिन से खरीद बंद है। एसएफसी मौरावां गेहूं खरीद केंद्र इस बार बछौरा गांव में बना दिया गया है। वहां वर्तमान में एक दर्जन किसानों की गेहूं लदी ट्राली बिक्री के लिए सप्ताह भर से खड़ी हुई हैं लेकिन तौल नहीं की जा रही है। एडीओ सहकारिता मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि एक तो पोर्टल बंद है। दूसरे तीनों केंद्रों पर जगह के अभाव में खरीद ठप है।
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सहकारी समिति बौनामऊ में 2700 क्विंटल गेहूं डंप मिला। दो जून से उठान नहीं हुई है। जगह न होने से खुले आसमान के नीचे गेहूं के बोरे लगे हुए हैं। सचिव ने बताया कि पोर्टल अभी खुला नहीं है। जगह न होने के कारण खरीद बंद है। यहां पर पहुंचे किसानों को उन्नाव मंडी जाने की सलाह दी। मोहान केंद्र पर भी खरीद बंद रही। किसानों ने एसडीएम को शिकायतीपत्र देकर सचिव पर वसूली के आरोप लगाए। सचिव ने आरोपों को नकार दिया।
बीघापुर विकासखंड परिसर में संचालित पीसीएफ गोदाम बुधवार व गुरुवार दोनों दिन बंद रहा। 14 जून को डीएम ने निरीक्षण कर प्रभारी से नाराजगी जताई थी। इसके बाद भी प्रभारी राकेश कुमार ने केंद्र ही नहीं खोला। केंद्र पर गेहूं बेचने पहुंचे नसीरपुर निवासी बबलू शुक्ला व रुझेई निवासी दीपक पटेल ने बताया कि वह खरीद बंद होने के पहले से ही चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें आज-कल बताकर टरकाया जाता रहा है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने बताया कि अभी केवल मंडी में संचालित केंद्रों के ही पोर्टल खोलने के आदेश मिले हैं। अन्य केंद्रों के बारे में अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। केंद्रों पर खड़ी ट्रैक्टर ट्रालियों की सूची तैयार कराई जा रही है। मंडी परिषद के केंद्रों पर तौल कराने का प्रयास किया जाएगा।
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