उन्नाव। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने रात्रि कर्फ्यू लगा दिया है। इसके तहत रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक सड़क पर नहीं निकल सकेंगे। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
जिले में कोरोना संक्रमण तेजी के साथ फैल रहा है। मौजूदा समय में सक्रिय मरीजों की संख्या 500 से अधिक हो गई है। पिछले दो दिनों से प्रतिदिन 100 से अधिक लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो रही है। कोरोना नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने जिले में रात्रि कर्फ्यू लागू करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार शाम को डीएम ने रात्रि कर्फ्यू का आदेश जारी किया। डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि यह आदेश शुक्रवार रात नौ बजे से लागू कर दिया गया है। 30 अप्रैल तक रोजाना रात नौ बजे से अगले दिन सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। इसके बाद परिस्थितियों के आधार पर इस आदेश पर पुनर्विचार या संशोधन किया जाएगा। कर्फ्यू के दौरान स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय सेवाएं, आवश्यक वस्तुओं व दवाओं की आपूर्ति पूर्व की भांति चलती रहेगी। इस सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों, कोरोना वारियर्स, स्वच्छता कर्मी व डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े व्यक्तियों के ड्यूटी संबंधी आवागमन पर प्रतिबंध नहीं रहेगा और उनका परिचय पत्र ही पास माना जाएगा। अलग से कोई पास बनवाने की जरूरत नहीं होगी। रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर आने जाने वाले यात्रियों के आवागमन पर प्रतिबंध नहीं रहेगा।
रेल, बस का टिकट मान्य होगा। यात्रियों को टिकट अनिवार्य रूप से रखना होगा। सभी प्रकार के माल वाहनों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर परिवहन जारी रहेगा। पेट्रोल व सीएनजी पंप भी खुले रहेंगे। सफाई, पेयजल आपूर्ति, विद्युत प्रबंध, रेलवे, रोडवेज, पंचायत निर्वाचन एवं अन्य सेवाओं से संबंधित अधिकारी, कर्मचारी ड्यूटी संबंधी आवागमन के लिए प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे। इनका परिचय पत्र पास की तरह मान्य होगा। रात्रिकालीन शिफ्ट के सरकारी व अर्द्धसरकारी दफ्तरों के कार्मिक, आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं से संबंधित निजी क्षेत्र के कार्मिकों को छूट होगी।
शासन की ओर से रविवार को पूर्ण बंदी का आदेश जारी होते ही प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक रविवार को जिले में भी पूर्ण बंदी रहेगी। शनिवार शाम 8 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक पूर्ण बंदी रहेगी। सिर्फ आवश्यक सेवाओं के लिए ही छूट दी जाएगी। इस दौरान सैनिटाइजेशन और स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।