शहर के एक गेस्ट हाउस में आयोजित शादी समारोह में लगी भीड़। फाइल फोटो
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उन्नाव। लॉकडाउन से राहत मिलने के बाद शादी-ब्याह की तैयारियां कर रहे लोग एक बार फिर कोरोना के बढ़ते मरीज और बिगड़ते हालात से असमंजस में हैं।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप ने शादी या अन्य मांगलिक कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर आमंत्रण और कार्ड बांट चुके लोगों की धड़कने बढ़ा दी हैं। पिछले सप्ताह जिला प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए शादी-पार्टियों में व्यक्तियों की संख्या तय कर दी थी। निर्देशों के तहत खुले स्थान पर आयोजित होने वाले मांगलिक कार्यक्रमों में एक बार में अधिकतम 100 लोग और बंद हाल में आयोजन पर एक बार में अधिकतम 50 लोगों के शामिल होने का आदेश जारी किया है। लोग आने वाले दिनों में पाबंदियां और बढ़ने की चर्चाओं से दुविधा में हैं। सबसे ज्यादा परेशान वह लोग हैं जिनके यहां अप्रैल के आखिर में या मई महीने में शादी है। ऊहापोह में हैं कि शादी टालें या सिर्फ परिवार के लोगों को बुलाकर बिना बैंड-बाजा के ही साधारण तरीके से विवाह/निकाह कराएं।
बांगरमऊ के नौनिहालगंज निवासी ब्रजकिशोर मिश्रा ने बताया कि 19 मई को बेटे की शादी तय है। गेस्ट हाउस बुक कर लिया है। पाबंदियां बढ़ने से असमंजस की स्थिति है। सफीपुर के सैय्यदवाड़ा निवासी इख्तिकार हुसैन ने बताया कि उनकी भतीजी सोनी का 19 मई को निकाह होना है। रिश्तेदारों को कार्ड भेज दिया है। मन में कई तरह का असमंजस है। सोहरामऊ निवासी सनी सिंह ने कहा कि 28 अप्रैल को उनकी बहन शिल्पी का विवाह है। आने वाले दिनों में सख्ती और बढ़ने के आसार हैं। क्या करें, कैसे करें, कुछ समझ नहीं आ रहा।
अभी खुले स्थान में शादी पार्टी करने पर 100 और बंद स्थान पर अधिकतम 50 लोगों के एक समय में साथ मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। निगरानी के लिए टीमें बनाई गई हैं। कोविड नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-रवींद्र कुमार, डीएम