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किसान परेशान, दो साल से ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए लगा रहे ‘दौड़’

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उन्नाव। सिकंदरपुर करन के मवइया माफी गांव निवासी राजेंद्र नाथ ने जनवरी 2019 में ट्यूबवेल के लिए आवेदन किया था। दो साल बीतने पर भी उन्हें कनेक्शन नहीं मिल सका है। पुरवा के नवीन कुमार भी ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए परेशान हैं। एक साल से तहसील से लेकर बिजली विभाग के जिला कार्यालय तक की दौड़ लगा रहे हैं। यह दो मामले तो बानगी भर हैं। तीन सौ किसान ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए चक्कर लगाते थक चुके हैं। शायद बहुत काम लोग जानते होगे कि जनहित गारंटी अधिनियम के तहत बिजली विभाग में हर काम का समय तय है। तय समय पर काम न होने पर आवेदक मुआवजा ले सकते हैं।
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सिंचाई के लिए सामान्य योजना में ट्यूबवेल लगवाने पर प्रदेश सरकार किसानों को बिजली के कनेक्शन में आने वाले खर्च पर 68 हजार रुपये की छूट देती है। पूर्ववर्ती सरकार के शासनकाल में हर साल ट्यूबवेल का एक सीमित लक्ष्य दिया जाता था। इस सरकार में कोई लक्ष्य नहीं दिया जाता है। बल्कि जितने आवेदन आते हैं उनके अनुसार ट्रांसफार्मर, तार, खंभे (पोल) आदि सामान उपलब्ध कराया जाता है। इस समय बिजली विभाग में 300 आवेदन फार्म डंप पड़े हुए हैं। दो साल पुराने आवेदकों को अभी तक कनेक्शन नहीं मिल पाया है। ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए तीन सौ किसान बिजली विभाग कार्यालय की दौड़ लगा रहे हैं। अभियंता ट्रांसफार्मर न होने की बात कहकर उन्हें वापस कर रहे हैं। यह स्थिति तब है जब किसान पैसा तक जमा कर चुके हैं।
किसान ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए जनप्रतिनिधियों से भी सिफारिशें करा रहे हैं। इसके बाद भी उनका काम नहीं हो पा रहा है। अभियंता उन्हें भी ट्रांसफार्मर का टोटा बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के ही कुछ कर्मचारी सेटिंग-गेटिंग में भी लगे हुए हैं। जिससे बिना नंबर वालों को पहले कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं।
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इस समय तीन सौ आवेदन लंबित हैं। पुरानी पेंडिंग 700 के आसपास थी। ट्रांसफार्मर आने शुरू हो गए हैं। नई व्यवस्था के तहत किसान चाहे तो स्टोर से पुराने ट्रांसफार्मर भी ले सकता है। इस कारण पेंडेंसी तेजी से कम हो रही है। अगले दो- तीन माह में सभी लंबित आवेदनोें को ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
-एसके सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड
अपने हक की जानकारी न होने के कारण ही लोग बिजली विभाग में शिकायतों की अर्जियां लेकर भटकते नजर आते हैं। जनहित गारंटी अधिनियम के तहत हर काम का समय तय है। आप सात दिन में घरेलू बिजली कनेक्शन और तीन दिन में खराब या जला मीटर बदलवा सकते हैं। इसमें देरी होती है तो आप अपील कर मुआवजा लेने के लिए क्लेम कर सकते हैं। एक्सईएन एससी शर्मा ने बताया कि जनहित गारंटी अधिनियम में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए एक माह का समय तय है। तय समय में काम न होने पर अधीक्षण अभियंता के यहां अपील की जा सकती है।
बिना पर्याप्त कारण के सेवा देने में विफल होने पर उपभोक्ता को जमा राशि पर 0.5 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से न्यूनतम पांच सौ और अधिकतम पांच हजार रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। बिना पर्याप्त कारण के सेवा देने में विलंब किया है तो उपभोक्ता को 250 से पांच हजार रुपये तक विभाग की तरफ से मिलता है। बिना पर्याप्त कारण के अपीलीय अधिकारी समय से अपील का निस्तारण नहीं कर सका तो पांच सौ से पांच हजार रुपये तक जुर्माना देना होगा।
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